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छतबीड़ जू में अनोखी पहल, अब पर्यटक होंगे पिंजरे में और आजाद उड़ेंगे पक्षी

Mon, 08 Jan 2018 04:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जीरकपुर
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छतबीड़ जू - फोटो : अमर उजाला
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छतबीड़ जू में पर्यटकों के लिए एक अनोखी पहल की जा रही है, जिसमें पर्यटकों को एक पिंजरे से गुजरना पड़ेगा और पक्षी आजाद उड़ते दिखाई देंगे। वहीं, इस पिंजरे में क्रेन (सारस) प्रजाति के विभिन्न पक्षी प्राकृतिक माहौल में उन्मुक्त उड़ते दिखाई देंगे, क्योंकि प्रवासी पक्षी साइबेरियन क्रेन अपनी लंबी दूरी की उड़ान के लिए जाने जाते हैं। जिक्रयोग है कि एयरपोर्ट रिंग रोड के नजदीक स्थित सैकड़ों एकड़ में फैले जियोलॉजिकल पार्क की गिनती उत्तर भारत के सबसे बड़े चिड़ियाघर में होती है।
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इस चिड़ियाघर में स्तनपाई, पक्षी और सरीसृप की 85 से भी ज्यादा प्रजातियां पाई जाती हैं। यूं तो छतबीड़ जू में कुल 950 चौपाए हैं, लेकिन इनमें सबसे ज्यादा चर्चित है रॉयल बंगाल टाइगर। जानकारी के मुताबिक, छतबीड़ चिड़ियाघर में मार्च के बाद एक अलग नजारा देखने को मिलेगा। छतबीड़ प्रशासन की ओर से जू के अंदर वाक इन एवरी तैयार किया जा रहा है। पिंजरों के भीतर सैलानी खुले में अठखेलियां कर रहे पक्षियों को देखते नजर आएंगे।

वहीं, जू में पांच विभिन्न प्रकार के विशाल पिंजरों में सैलानी वॉक इन करते हुए पक्षियों को प्राकृतिक वातावरण में घूमते-फिरते हुए देख सकेंगे। यह पिंजरे आपस में लोहे के गेट द्वारा लिंक किए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, उत्तर भारत में अपनी तरह का है यह पहला वाक इन एवेरी होगा। 300 मीटर लंबाई वाले इस पार्क में पक्षी खुले में रहेंगे और सैलानी एक सुरक्षित रास्ते से होकर गुजरेंगे। रास्ता इस प्रकार बनाया जा रहा है कि पक्षियों को सैलानी काफी नजदीक से देख पाएंगे।
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इस दौरान सैलानी न तो पक्षियों को छू सकेंगे और न ही पक्षी इंसानों को कोई नुकसान पहुंचा सकेंगे। उन्होंने बताया कि यह पार्क पांच अलग थीम को लेकर बनाया जा रहा है। पिंजरों की ऊंचाई करीब 30 से 40 फुट होगी। इनमें रेन फॉरेस्ट नामक थीम तैयार कर झरने और तालाब बनाए जा रहे हैं। जिनमें ऐसे ही जंगल में रहने वाले पक्षियों को रखा जाएगा। दूसरा थीम जापानी पार्क का होगा, जिसमें रंग बिरंगे वातावरण व जापानी पक्षियों को रखा जाएगा।

तीसरा थीम जिसमें चारों तरफ पत्थर और रॉक्स दिखाई देंगे। चलने का रास्ता भी पत्थरों का ही होगा और उसी वातावरण में रहने वाले पक्षी होंगे। चौथा एनक्लोजर वुड थीम पर आधारित होगा। पांचवां थीम भारत के ग्रामीण इलाकों में तालाबों वह जोहड़ के किनारे प्राकृतिक हरियाली में रहने वाले पक्षियों का होगा। संभावना है कि यह पूरा प्रोजेक्ट मार्च तक आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

पार्क को लेकर सैद्धातिक मंजूरी मिल चुकी है। अब इसको लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी। इस साल तितली पार्क बनना शुरू हो जाएगा। हालांकि फिलहाल यह तय नहीं हुआ है कि पार्क में कौन-कौन सी प्रजातियां रखी जाएंगी। जबकि इस पार्क को हर एंगल से अनूठा बनाया जाएगा। इसके लिए एक प्रस्ताव तैयार कर कारपोरेट संस्थानों को भी भेजा गया है। अगर कारपोरेट इस पार्क को लेकर दिलचस्पी दिखाते हैं तो उनकी मदद से पार्क तैयार किया जाएगा। नहीं तो विभाग अपने स्तर पर पार्क बनाएगा।
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- एम सुधाकर, फील्ड डायरेक्टर, छतबीड़ चिड़ियाघर
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