शिक्षा विभाग के लिए मुख्यमंत्री के आदेश मायने ही नहीं रखते। विभाग के शिक्षा निदेशालय स्तर के अधिकारियों ने सीएम के आदेशों पर ही कैंची चला दी। मामला हरियाणा का है। बीते 20 दिसंबर को सीएम निवास पर बैठक के दौरान मनोहर लाल ने अधिकारियों को कंप्यूटर टीचर्स को पहली जनवरी से पीआरटी गेस्ट टीचर्स के बराबर 21700 रुपये वेतन प्रतिमाह देने के निर्देश दिए थे।
बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव केके खंडेलवाल भी उपस्थित थे। लेकिन निदेशालय अधिकारियों ने सीएम के आदेश अनुसार वेतन तय न कर इसे घटाकर 16 हजार तय कर दिया है। इसकी जानकारी कंप्यूटर शिक्षकों को तब चली जब वे वेतन का पत्र जारी न होने पर निदेशालय पहुंचे। इससे निराश शिक्षकों ने तुरंत सीएम निवास का रुख कर लिया। वहां उनकी मुलाकात सीएम के ओएसडी भूपेश्वर दयाल से हुई।
उन्होंने दयाल को सारी बात बताई, इस पर उन्होंने उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। दयाल ने कहा कि सीएम के आदेशों को अधिकारी दरकिनार नहीं कर सकते, अगर ऐसा किया है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कंप्यूटर शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष बलराम धीमान ने बताया कि सेकेंडरी शिक्षा विभाग के निदेशक इसकी जानकारी उन्हें मिली है।
संघ के प्रेस प्रवक्ता सुरेश नैन ने कहा कि सोमवार को सीएम मनोहर लाल से उनके निवास पर मुलाकात होगी। शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल वार्ता के दौरान उनका वेतन कम करने का मसला उठाएगा। कंप्यूटर शिक्षक विभाग में अस्वीकृत पदों पर कार्यरत हैं। सरकार जल्द पद स्वीकृत कर कंप्यूटर शिक्षा को अनिवार्य विषय घोषित करें।