छतबीड़ जू में लॉकडाउन के कारण पर्यटकों की संख्या पर लगी पाबंदी से पर्यटक मायूस हैं। कोरोना गाइडलाइन के मुताबिक, यहां वीकेंड पर सिर्फ 2700 पर्यटकों के प्रवेश को ही अनुमति है। एक जनवरी, 2021 से पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। 2700 पर्यटकों से ज्यादा होने पर लोगों को लौटा दिया जा रहा है।
लॉकडाउन के कारण करीब नौ माह तक बंद होने के बाद दिसंबर में कोरोना गाइडलाइन के नियमों के पालन के साथ पर्यटकों के लिए खोला गया था। अब पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ने के बाद चिड़ियाघर प्रशासन ने सरकार को ज्यादा पर्यटकों के प्रवेश की मंजूरी लेने के लिए पत्र लिखा है, अब मंजूरी मिलने का इंतजार है।
मंजूरी मिलने तक ऑनलाइन ही करें बुकिंग
जब तक चिड़ियाघर में पर्यटकों के प्रवेश के लिए संख्या बढ़ाने की अनुमति नहीं मिलती, तब तक अगर आप छतबीड़ में जाने की योजना बना रहे हैं तो टिकट की बुकिंग ऑनलाइन ही करें। इससे आपके चिड़ियाघर में प्रवेश की अनुमति पक्की हो जाएगी। चिड़ियाघर में टिकट बुकिंग के लिए ऑनलाइन या फिर मोबाइल एप का इस्तेमाल किया जा सकता है।
खाने की बुकिंग की भी ऑनलाइन सुविधा
छतबीड़ चिड़ियाघर में प्रवेश के लिए पार्किंग, बैटरी आपरेटेड व्हीकल, शेर सफारी, साइकिल, वीडियो कैमरा, स्टिल कैमरा की बुकिंग अब ऑनलाइन होगी। इसके अलावा खाद्य पदार्थों की बुकिंग भी ऑनलाइन कर सकते हैं। जिस कैंटीन में खाने के सामान की ऑनलाइन बुकिंग होगी, वहां जाकर पर्यटकों को बुकिंग नंबर बताना होगा, इसके बाद खाने-पीने का सामान मिल जाएगा।
अभी बंद रहेगा बर्ड एवियरी
जीरकपुर छतबीड़ चिड़ियाघर का बर्ड एवियरी अभी बर्ड फ्लू के कारण एहतियात के तौर पर बंद ही रखा जाएगा। जब तक राज्य सरकार की ओर से इसे खोलने का कोई आदेश नहीं आ जाता। अब यहां उत्तर भारत से आने वाले पर्यटक चिड़ियाघर के बर्ड एवियरी के पक्षियों को देख नहीं पाएंगे, जब तक बर्ड फ्लू की स्थिति सामान्य नहीं हो जाती।
प्रवेश के लिए पर्यटकों की संख्या बढ़ाने को भेजा प्रस्ताव
छतबीड़ जू के निदेशक एम सुधागर ने बताया कि अभी कोरोना गाइडलाइन को लेकर 2700 पर्यटकों के प्रवेश की ही अनुमति सरकार की ओर से मिली है, लेकिन एक जनवरी के बाद से हर वीकेंड पर पर्यटकों की संख्या अचानक बढ़ रही। लेकिन मंजूरी नहीं होने के कारण पर्यटकों को लौटाना पड़ रहा है। चिड़ियाघर में पर्यटकों के प्रवेश की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार के पास प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है, अभी मंजूरी का इंतजार है।