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पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र संघ अध्यक्ष चेतन चौधरी की कुर्सी खतरे में, राहुल के सिर सज सकता ताज

Fri, 29 Nov 2019 11:52 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
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चेतन चौधरी - फोटो : अमर उजाला
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पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट काउंसिल के अध्यक्ष चेतन चौधरी की कुर्सी खतरे में है। छात्र संघ चुनाव के बाद वह कक्षा में नहीं पहुंचे तो उनका दाखिला कैंसिल कर दिया गया है। चेतन चौधरी ने री-एडमिशन के लिए गुहार लगाई है। यदि वह दो माह गैर हाजिर रहने के वाजिब कारण नहीं बता पाए तो दाखिला नहीं मिल पाएगा और ऐसी स्थिति में उपाध्यक्ष राहुल कुमार के सिर अध्यक्ष पद का ताज सज सकता है।
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पीयूसीएससी अध्यक्ष चेतन चौधरी ने बीटेक की थी, लेकिन एमटेक में दाखिला नहीं मिला तो उन्होंने चुनाव लड़ने के लिए उर्दू विभाग में एमए में दाखिला ले लिया। 6 सितंबर को छात्र संघ चुनाव हो गया। उसके बाद नियमनुसार चेतन चौधरी को कक्षा में जाना चाहिए था, लेकिन वह दो माह में महज एक ही दिन पहुंचे। विभाग ने उन्हें समय समय पर बताया भी था, बावजूद इसके वह नहीं जागे और आखिर में उर्दू विभाग से उनका एडमिशन कैंसिल हो गया। इसके बाद हड़कंप मच गया।

अध्यक्ष चेतन चौधरी ने री-एडमिशन की गुहार लगाई तो इसके लिए कमेटी बनाई गई है। कमेटी ने दो माह गैर हाजिर रहने के सभी सुबूत मांगे हैं। यदि सुबूत फिट नहीं बैठे तो री-एडमिशन भी नहीं हो पाएगा। लिंगदोह कमेटी कहती है कि यदि एडमिशन अध्यक्ष का रद्द होता है तो ऐसी स्थिति में उपाध्यक्ष को यह चार्ज जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि एनएसयूआई इसकी तैयारी में लगी है कि उनके हिस्से में ताज आ जाए।
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सोमवार को कमेटी की ओर से मुझे बुलाया गया है। वहां अंडरटेकिंग दूंगा कि भविष्य में ऐसा नहीं होगा। इसके बाद री-एडमिशन मिल जाएगा। अध्यक्ष मैं ही रहूंगा।
- चेतन चौधरी, अध्यक्ष पीयूसीएससी

चेतन चौधरी ने री-एडमिशन के लिए अप्लाई किया है। अमूमन एडमिशन फिर हो जाता है, लेकिन यदि नहीं होता है तो उसके बाद हमारा संगठन इस पर विचार करेगा।
- राहुल कुमार, उपाध्यक्ष पीयूसीएससी

चेतन चौधरी के री-एडमिशन की एप्लीकेशन मिली है। यदि कक्षा से गैर हाजिर रहने के सुबूत पर्याप्त नहीं दिए गए तो दिक्कत होगी। फिलहाल मामले की जांच चल रही है।
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- प्रो. शंकरजी झा, डीयूआई
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