मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस व बीडीएस में प्रवेश के लिए होने वाली नीट परीक्षा के लिए रविवार को विद्यार्थी सभी सुरक्षा मानकों के साथ पहुंचे। परीक्षा के बाद छात्र-छात्राओं ने कहा कि रसायन विज्ञान ने थोड़ा उलझाया, लेकिन जीवविज्ञान व भौतिक विज्ञान के प्रश्न आसान थे। ज्यादातर विद्यार्थी बोले कि समय से 15 मिनट पहले ही पेपर हल कर लिया था। शहर में इस बार 32 केंद्र बनाए गए थे। इनमें 15,931 विद्यार्थियों को परीक्षा देनी थी।
कोरोना के कारण एक केंद्र पर 150 से अधिक लोगों को नहीं बैठाने की व्यवस्था थी। वहीं एक कक्षा में 12 ही अभ्यर्थियों को बैठाया गया था। सुबह 10 बजे से शहर के सेंटरों पर अभ्यर्थियों की भीड़ जमा होने लगी। कोरोना की सख्ती के कारण परिजनों को सेंटर से दूर ही रखा गया। आंकड़ों के अनुसार 70 प्रतिशत छात्र परीक्षा में उपस्थित रहे। वहीं 30 प्रतिशत अभ्यर्थी परीक्षा देने नहीं पहुंचे।
पिछली परीक्षा के रिपीट प्रश्न से मिली सहायता
छात्रों का कहना था कि प्रश्नपत्र काफी आसान था। भौतिक विज्ञान के 13 प्रश्न पिछली बार के ही रिपीट थे। कुछ प्रश्न 10वीं के स्तर के थे। रसायन विज्ञान के ज्यादातर प्रश्न 11वीं व 12वीं के सिलेबस से ही आए थे। इसलिए प्रश्नपत्र को हल करना और आसान लगा।
सेंटरों के बाहर सामाजिक दूरी के लिए लगाए गए थे निशान
सेंटरों के बाहर काफी सख्ती थी। शिक्षकों व सुरक्षाकर्मियों ने हाथ में गलब्स व मुंह पर मास्क लगाने का अनाउसमेंट किया। हालांकि विद्यार्थी अपने साथ सेनेटाइजर की बोतल लेकर आए थे। सेंटरों के बाहर भी सामाजिक दूरी के लिए निशान लगाए गए थे। पंक्तिबद्ध होकर विद्यार्थी स्टाल पर पहुंचकर अपने हस्ताक्षर मिलान कराया। वहीं एक व्यक्ति सभी का शारीरिक तापमान चेक कर रहा था। कोरोना के कारण इस बार सुरक्षा मानकों में और सख्ती की गई थी।
अभिभावकों को सेंटर से 100 मीटर दूर रखा
सेंटर में जाने के लिए विद्यार्थियों को एक पंक्ति में खड़ा किया गया था। अभिभावकों को सेंटर से लगभग 100 मीटर के दायरे से बाहर ही रहने को कहा गया। छात्र-छात्राएं 10.30 बजे तक सेंटर पर पहुंच गए थे। उसके बाद क्रमवार अपनी स्क्रीनिंग कराते रहे।
2 बजे दी ओएमआर शीट.. बर्बाद हुए 15 मिनट
सेक्टर- 32 निवासी इशिता कटोच ने बताया कि सेक्टर- 18 स्थित जीजीएमएसएसएस में दोपहर 2 बजे ओएमआर शीट दी गई। उसे भरने में ही 15 से 20 मिनट लग गए जबकि नियमानुसार यह सभी काम 15 मिनट पहले कराने थे। उसके बाद बीच-बीच मे कभी कोई हस्ताक्षर व अन्य काम के लिए निरीक्षक आते रहे। इससे काफी समय खराब हो गया। जब इसका विरोध किया तो निरीक्षक ने शांत करा दिया। इसको लेकर राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड को मेल भी करेंगे।
इस बार आसान थे प्रश्न
परीक्षा में इस बार प्रश्न काफी आसान थे। छात्र-छात्राओं को तैयारी के लिए भी काफी समय मिल गया था। पिछले प्रश्नपत्रों को हल करने से इस बार काफी मदद भी मिली। ज्यादातर प्रश्न पाठ्यक्रम से ही पूछे गए थे। कुछ प्रश्न जरूर घुमावदार थे, लेकिन छात्र-छात्राओं को समस्या नहीं हुई।
- शिवचरण गुप्ता, विशेषज्ञ
क्या कहते हैं विद्यार्थी
प्रश्नपत्र हल करने में ज्यादा समस्या नहीं हुई
प्रश्नपत्र ज्यादा मुश्किल नहीं था। रसायन विज्ञान में थोड़ा मुश्किल हुई, लेकिन भौतिक विज्ञान और जीवविज्ञान में कोई समस्या नहीं हुई। पहले जो समय की समस्या होती थी, लेकिन इस बार यह समस्या भी नहीं हुई।
- हर्षकमल द्विवेदी, सेक्टर- 15 निवासी
प्रश्नपत्र आसान था। रसायन विज्ञान के कुछ प्रश्न उलझाने वाले थे, जिसमें थोड़ा समय लगा। प्रश्न सिलेबस से होने के कारण उन्हें हल करने में समस्या नहीं हुई। समय के अंदर सभी प्रश्नों को हल कर लिया।
- इशिता कटोच, सेक्टर- 32 निवासी