चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) अब अपनी कामर्शियल प्रापर्टी से आय एकत्र करने के लिए कदम उठाने जा रहा है। सीएचबी ने विभिन्न सेक्टरों में सालों से खाली पड़े बूथों को किराए पर देने की योजना बनाई है।
इस योजना को बुधवार को सीएचबी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में मंजूरी मिल सकती है। सीएचबी के पास कई बैंकों और अन्य लोगों के आवेदन आए थे, जिसमें उन्होंने सीएचबी से खाली बूथों को किराए पर देने की मांग की थी।
शहर के विभिन्न सेक्टरों में सीएचबी के 143 बूथ खाली पड़े हैं और इन बूथों के लिए सीएचबी को लंबे समय से खरीददार नहीं मिल रहे हैं।
सालों से इन बूथों के खाली होने के कारण सीएचबी को नुकसान भी हो रहा था और इन सेक्टरों के लोगों को भी दिक्कत आ रही हैं क्योंकि वहां दुकानें नहीं हैं।
नीलामी में बिक न सके बूथ
ध्यान रहे कि सीएचबी ने फरवरी, 2014 में 145 बूथों की नीलामी कराने का प्रयास किया था। तीन दिनों तक नीलामी की प्रक्रिया चली थी, लेकिन सिर्फ दो बूथ ही नीलाम हो पाए थे।
इससे यह स्पष्ट हो गया था कि शहर में लीज होल्ड कामर्शियल प्रापर्टी के खरीददार नहीं हैं। इससे पहले सीएचबी ने दिसंबर 2009 में भी इन बूथों की नीलामी की कोशिश की थी, लेकिन एक भी बूथ नीलाम नहीं हो सका था।
सीएचबी ने वर्ष 2012 में बूथों की नीलामी करने की जगह बिडर्स से सीलबंद लिफाफे में इन बूथों के लिए बिड आमंत्रित की। बोर्ड को इन 145 बूथों के लिए कुल 30 सीलबंद बिड ही मिले थे और इसमें भी सफलता नहीं मिल सकी थी।
यहां बूथ खाली हैं
सीएचबी के 70 बूथ मनीमाजरा में खाली हैं जबकि 24 बूथ सेक्टर-51 ए और 8 बूथ सेक्टर-49 बी में खाली हैं। कजहेड़ी, सेक्टर-40 ए और सेक्टर-38 वेस्ट में भी सीएचबी के बूथ खाली पड़े हैं।
इसलिए नहीं मिल रहे हैं खरीददार
सीएचबी के इन बूथों के लिए खरीददार न मिलने का कारण यह है कि बोली में बूथ लेने वालों को हर साल ढाई परसेंट की दर से ग्राउंड रेंट भी देना होता है।
यह ग्राउंड रेंट 33 साल बाद बढ़कर पौने चार परसेंट प्रति वर्ष और 66 साल बाद अगले 33 साल के लिए पांच परसेंट हो जाता है। अगर सीएचबी इन बूथों को फ्री होल्ड कर देता है तो बूथ नीलाम हो सकते हैं।
पेंशन पर भी होगा फैसला
सीएचबी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में सीएचबी के कर्मचारियों की पेंशन योजना पर भी चर्चा होगी। बोर्ड के कर्मचारियों के लिए नई कंट्रीब्यूटरी पीएफ पेंशन योजना शुरू होनी है और इसके लिए पेंशन फंड बनाया जाना है, जिसमें कर्मचारियों की ओर से अपने हिस्से का सीपीएफ जमा कराया जाएगा।
यह पेंशन योजना उन कर्मचारियों के लिए होगी, जिन्होंने एक जनवरी 2004 के बाद ज्वाइन किया है। चंडीगढ़ की सांसद किरण खेर ने भी सीएचबी के कर्मचारियों के लिए पेंशन योजना लागू करने के प्रस्ताव का समर्थन किया है और इस संबंध में सीएचबी चेयरमैन से बातचीत की है। बैठक में सीएचबी की बैलेंस शीट को भी मंजूरी दी जाएगी।