लगातार कई नोटिस देने के बावजूद सालों से रेंट जमा नहीं कराने वाले 9 आवंटियों पर सीएचबी ने बड़ी कार्रवाई की है। सीएचबी ने इन सभी लोगों के मकानों की अलॉटमेंट रद्द कर दी है। शहर के विभिन्न हिस्सों में स्मॉल फ्लैट स्कीम के तहत इन लोगों को मकान मिले थे। इन अलॉटियों को कई बार अपनी बकाया राशि जमा करवाने के लिए समय दिया गया, लेकिन बावजूद इसके इन्होंने रेंट जमा नहीं करवाया।
सीएचबी के शोकॉज नोटिस के बाद भी 227 अलॉटियों में से ज्यादातर लोगों ने रेंट जमा नहीं करवाया है। इस संबंध में बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि जो भी अलॉटी समय देने के बावजूद अपना रेंट जमा नहीं करवा रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पहले चरण में बोर्ड ने 9 लोगों की अलॉटमेंट कैंसिल कर दी है और बाकी लोगों की भी लिस्ट तैयार की जा रही है, जिनके खिलाफ जल्द ही कार्रवाई होगी।
बता दें कि स्मॉल फ्लैट्स स्कीम के तहत बोर्ड ने मामूली रेंट तय किया हुआ है, लेकिन बावजूद इसके अलॉटी रेंट जमा नहीं कर रहे हैं। पहले पांच वर्ष के लिए मासिक रेंट 800 रुपये तय किया हुआ है। इसके बाद हर पांच वर्ष बाद रेंट में 20 प्रतिशत की वृद्धि होगी। बोर्ड ने लगभग 6 हजार के करीब अलॉटियों को नोटिस जारी किए हुए हैं, जिनमें से कुछ अलॉटियों ने अपना रेंट क्लीयर कर दिया है। इसके बाद ही 275 अलॉटियों को अलॉटमेंट कैंसिल करने के नोटिस भेजे गए थे।
रेंट जमा कराने के लिए स्पेशल कैंप भी लगाया, फिर भी नहीं किया जमा
बोर्ड ने जून माह से ऐसे अलॉटियों के लिए शहर की सात अलग-अलग जगहों पर कैंप लगाया था, ताकि वह अपनी बकाया राशि क्लीयर कर सकें। ये कैंप धनास, मौलीजागरां, रामदरबार, सेक्टर-38वेस्ट, सेकटर-49, सेक्टर-56 और इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में लगाया था। इसके बाद इन जगहों पर तीन दिवसीय कैंप जुलाई माह में भी लगाया गया था। इसके बाद स्पेशल काउंटर की सुविधा भी दी गई थी। बोर्ड के इन प्रयासों से पिछले तीन माह में 10 करोड़ रुपये की रिकवरी की जा सकी है, लेकिन अभी भी 20 करोड़ रुपये की रिकवरी करनी बाकी है।
रेंट न जमा करने वाले सबसे ज्यादा धनास के
चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने स्मॉल फ्लैट्स स्कीम के तहत उन सभी डिफाल्टरों की लिस्ट जारी कर दी है, जिन्होंने अभी अपना रेंट जमा नहीं करवाया है। आंकड़ा 11 हजार से ज्यादा का है। इस लिस्ट में धनास में 6895, राम दरबार में 528, सेक्टर-49 में 848, सेक्टर-38वेस्ट में 937, मौलीजागरां में 1152, सेक्टर-56 पलसौरा में 663 और इंडस्ट्रियल एरिया में 71 के करीब डिफाल्टर सामने आए हैं। इनसे करीब 20 करोड़ की राशि वसूली जानी है।