चंडीगढ़। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) ने उन हजारों लोगों को आखिरी मौका दिया है, जिन्होंने पिछले काफी समय से फ्लैट का किराया जमा नहीं कराया है। सीएचबी ने अब 31 मार्च तक का समय दिया है। इसके बाद उनका आवंटन रद्द करने की प्रक्रिया को शुरू करने की बात कही है। बीते दिनों सीएचबी ने 11641 लोगों को नोटिस भेजा है। इन पर 50 करोड़ के लगभग किराया बकाया है।
सीएचबी के स्मॉल फ्लैट्स स्कीम के तहत किराया जमा न कराने वालों में सबसे ज्यादा आवंटी धनास के हैं। पहले 23 मार्च तक का समय दिया गया था, लेकिन अब समय सीमा को बढ़ाकर 31 मार्च कर दिया गया है। सीएचबी के सीईओ यशपाल गर्ग ने कहा है कि इन आवंटियों को कई बार किराया जमा कराने के लिए कहा गया है, इसके बावजूद जमा नहीं कराया है। स्मॉल फ्लैट्स स्कीम के तहत उन आवंटियों को नोटिस भेजा गया है, जिन पर 10 हजार रुपये से ज्यादा का किराया बकाया है। इन्हें पहले 23 मार्च तक का समय दिया गया था। नोटिस के बाद कुछ लोगों ने किराया जमा किया और मार्च महीने में 8 करोड़ जमा कराए गए हैं, लेकिन ज्यादा संख्या में आवंटियों ने अभी भी किराया नहीं दिया है। एक बार आवंटन रद्द हो गया तो उसमें रहने वाले आवंटी को मकान खाली करना होगा। अगर अपीलीय प्राधिकारी इसकी बहाली की अनुमति देता है, तो आवंटी को सभी लंबित देय राशि, ब्याज और रिवाइवल शुल्क का भी भुगतान करना होगा।
अक्तूबर 2019 में सीएचबी ने कई मकान किए थे रद्द
कई साल से किराया जमा नहीं कराने वालों पर चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने अक्तूबर 2019 को बड़ी कार्रवाई की थी। लगातार कई नोटिस देने के बाद भी किराया नहीं जमा कराने वाले करीब 115 फ्लैट का आवंटन रद्द कर दिया था। इसके बाद इन फ्लैटों में रहने वाले लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी थी। शहर के विभिन्न हिस्सों में स्मॉल फ्लैट स्कीम के तहत इन लोगों को फ्लैट मिले थे। इन अलॉटियों को कई बार अपनी बकाया राशि जमा करवाने के लिए समय दिया गया, लेकिन इन्होंने किराया जमा नहीं करवाया था।
ऐसे जमा कर सकते हैं किराया
- सीएचबी की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन
- शहर के सभी संपर्क केंद्र
- सीएचबी की वेबसाइट पर देख सकते हैं कितनी राशि बकाया