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CHB के पूर्व सीईओ को कार्रवाई से बचाव उतरे वित्त सचिव

Sat, 13 Aug 2016 01:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
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CHB - फोटो : file photo
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चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के सीईओ पद पर रहते हुए डा. दीपक कुमार द्वारा सरकारी खजाने से सरकारी आवास पर खर्चा करने के मामले में प्रशासन के वित्त सचिव बचाव में आ गए हैं। शुक्रवार को बोर्ड की बैठक में वित्त सचिव सर्वजीत सिंह के चलते पूर्व सीईओ पर कार्रवाई का कोई निर्णय नहीं हो पाया। बताया जाता है कि बैठक में वित्त सचिव ने इस मामले को यहीं खत्म करने की सलाह दी। 
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वित्त सचिव सर्वजीत सिंह बोर्ड की गर्वनिंग बाडी के सदस्य हैं। लेकिन वह पहली बार बैठक में शामिल हुए। सूत्रों का कहना है कि सलाहकार ने विशेष तौर पर अधिकारियों के बीच चल रहे विवाद को शांत करने के लिए वित्त सचिव को बैठक में भेजा है। बैठक में डीसी अजीत बाला जी जोशी और मुख्य वास्तुकार कपिल सेतिया भी मौजूद रहे। बैठक में बोर्ड के सदस्य प्रेम कौशिक, रघुवीर लाल अरोड़ा और तरसेम गर्ग ने तो यह मांग की कि आईएएएस दीपक कुमार द्वारा सरकारी आवास के घर पर रेनोवेशन पर आए खर्च का भुगतान यूटी प्रशासन का इंजीनियरिंग विंग हाउसिंग बोर्ड को कर दे। इस पर वित्त सचिव ने कहा कि प्रशासन भी सरकारी है और बोर्ड भी सरकारी है ऐसे में मामले को छोड़ देना चाहिए। सदस्य प्रेम कौशिक का कहना है कि अगर प्रशासन नहीं चाहता कि रिकवरी की राशि डॉ. दीपक कुमार से ली जाए तो प्रशासन इसका भुगतान हाउसिंग बोर्ड को कर दे।

पुराना है विवाद
मालूम हो कि पूर्व सीईओ दीपक कुमार और सीएचबी के चेयरमैन मनिंदर सिंह बैंस के बीच काफी लंबे समय से किसी न किसी मामले में विवाद चल रहा है। विवाद मुख्य तौर पर आईएएस डा. दीपक कुमार द्वारा अपनी सरकारी मकान पर 22 लाख से ज्यादा की राशि खर्च करने के बाद शुरू हुआ था। जिसकी सीएचबी चेयरमैन ने जांच भी करवाई थी। शुक्रवार को जांच रिपोर्ट के अनुसार पूर्व सीईओ दीपक कुमार पर रिकवरी डालने का निर्णय लिया जाना था, हालांकि डा. दीपक कुमार ने सीईओ के पद से हटने के बाद करीब 12 लाख रुपये के फर्नीचर वापस भी कर दिए हैं, सीएचबी उनसे रेनोवेशन की राशि भी मांग रहा है।
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सेक्टर-49 और 63 के मकान ट्रांसफर करने का निर्णय
बोर्ड की बैठक में सेक्टर-49 और 63 के मकान ट्रांसफर करने का निर्णय लिया गया है। मालूम हो कि जहां पर ये मकान बने हुए है, उस जमीन की कन्वेंस डीड अभी तक संपदा विभाग ने बोर्ड के नाम पर नहीं की है। बैठक में मौजूद डीसी अजीत बाला जोशी ने इसको मंजूरी भी दे दी। ऐसे में अब खरीददार जीपीए के माध्यम से बोर्ड से अपने मकान ट्रांसफर करवा सकते हैं। हाउसिंग बोर्ड को हर फ्लैट की 15 प्रतिशत ट्रांसफर फीस से लाखों रुपये की कमाई होगी।

सिटीजन चार्टर को फिर नहीं मिली मंजूरी
बोर्ड के सिटीजन चार्टर पर शुक्रवार को भी मोहर नहीं लग पाई। बोर्ड के सदस्यों के अनुसार अभी चार्टर में खामियां हैं, ऐसे में अभी और अध्ययन और चर्चा की जरूरत है। इसके साथ ही बोर्ड की बैठक में प्रशासन द्वारा हाउसिंग बोर्ड के मकानों का कवर एरिया 60 से 70 प्रतिशत बढ़ाने पर लगी रोक पर भी चर्चा हुई। इसके बाद निर्णय लिया गया कि बोर्ड के अधिकारी मुख्य वास्तुकार और प्रशासन के अधिकारियों के साथ अलग से बैठेंगे। बैठक में बोर्ड को संतुष्ट किया जाएगा कि प्रशासन की ओर से क्यों नहीं कवर एरिया बढ़ाने की मंजूरी दी जा रही। मालूम हो कि प्रशासन की ओर से पुनर्वास योजना के तहत अलॉट हुए मकानों को बरामदों को ग्रिल लगाने की भी मंजूरी देने को तैयार नहीं है।

तीन ओपन एयर जिम खोलने का प्रस्ताव पास
हाउसिंग बोर्ड ने सेक्टर-38 वेस्ट, मनीमाजरा और सेक्टर-45 की ग्रीन बेल्ट में तीन ओपन एयर जिम का निर्माण करने का प्रस्ताव पास किया। मालूम हो कि अभी तक ओपन एयर जिम सेक्टर-16 के शांति कुंज में लगा है। नगर निगम खुद भी आधा दर्जन सेक्टरों में  ओपन एयर जिम लगाने जा रहा है। इसके बाद कालोनियों में भी लगाया जाएगा।
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