चंडीगढ़ की निजी हाउसिंग कोआपरेटिव सोसायटी में रहने वाले हजारों परिवारों को प्रशासन ने बड़ी राहत दी है। अब उन्हें पक्के तौर पर मालिकाना हक मिल जाएगा। इसके लिए प्रशासन और हाउसिंग बोर्ड ने पहला कदम चल दिया है।
सीएचबी ने शुक्रवार को सोसायटी जमीन की कन्वेंस डीड करने का निर्णय ले लिया है। साथ ही हाउसिंग बोर्ड जमीन के एरिया वाइज कन्वेंस डीड को करवाने की प्रक्रिया का रेट भी तय कर दिया है। इस समय शहर में 103 निजी सोसायटी हैं। इनमें रहने वाले लोग लंबे समय से मालिकाना हक की मांग कर रहे थे।
हाउसिंग बोर्ड के अनुसार दो मार्च को ही वित्त विभाग ने इस मामले को स्पष्ट करते हुए सोसाइटी की जमीन की कन्वेंस डीड करने की मंजूरी दी है। जबकि स्टांप और रजिस्ट्रेशन फीस अलग से चार्ज की जाएगी। सोसाइटी को अलग अलग समय पर जमीन अलॉट हुई है। इस समय दक्षिणी सेक्टरों की सोसाइटी के भीतर जो फ्लैट है वह जीपीए पर बिके हुए हैं जिस कारण जीपीए धारक को आगे फ्लैट बेचने में काफी मुश्किल होती है। अगर इन फ्लैट्स की अलग से रजिस्ट्ररी हो जाए तो इनकी कीमत में भी इजाफा हो जाएगा। इस समय 40 प्रतिशत लोग ऐसे है जिन्होंने जीपीए पर फ्लैट खरीदा है लेकिन वह अपने नाम पर फ्लैट नहीं करवा पाए हैं।