लॉकिंग पीरियड हटाने के बदले में सीएचबी ने जो खरीददार पर ट्रांसफर के समय एक लाख रुपये का अतिरिक्त बोझ डाला है उसे अब हाउसिंग बोर्ड हटा सकता है। ऐसे में यह राहत सेक्टर-63 के हाउसिंग प्रोजेक्ट में फ्लैट खरीदने वालों और सेक्टर-51 ए के अलॉटियों को मिलेगी, जो अलॉटी आगे यह मकान बेचेंगे।
मंगलवार को बोर्ड के एक्स आफिशियल सदस्य एवं भाजपा के महासचिव प्रेम कौशिक की चेयरमैन मनिंदर सिंह बैंस के साथ बैठक हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि एक लाख चार्ज न करने की शर्त को अगले 30 मई की होने वाली बैठक में प्रस्ताव के तौर पर लाया जाएगा। इस बैठक में प्रेम कौशिक ने सेक्टर-51 ए की नई स्कीम में कम आए रिस्पांस पर भी चर्चा की। कौशिक ने कहा कि फ्लैट का रेट 69 लाख रुपये काफी ज्यादा है।
प्रेम कौशिक ने बताया कि चेयरमैन के समक्ष धनास की पुनर्वास कॉलोनी में आ रही पानी की किल्लत को भी उठाया गया, जिस पर चेयरमैन ने आश्वासन दिया कि एक माह के भीतर यहां से पानी की स्थायी तौर पर दिक्कत दूर हो जाएगी। कौशिक ने बताया कि फ्लैट्स भी लीज से फ्री होल्ड में खरीदारों को अलॉट किए जाने चाहिए। प्रेम कौशिक का कहना है कि ट्रांसफर के समय जो एक लाख रुपये अलग से चार्ज किया जाता है इस पर छूट देने के लिए चेयरमैन ने अपनी मंजूरी दे दी है। प्रस्ताव को 30 मई को होने वाली बैठक में पास कर दिया जाएगा।
अब कभी भी बेचे जा सकते हैं फ्लैट
एक मार्च को सेक्टर-63 की हाउसिंग स्कीम के फ्लैट्स से 5 साल की लॉकिंग पीरियड की शर्त को हटाया है। ऐसे में अब भविष्य में लागू होने वाली हाउसिंग स्कीम पर भी यह शर्त नहीं लगेगी। इससे पहले कोई भी अलॉट होने के 5 साल से पहले अपने फ्लैट आगे नहीं बेच सकता था। इसलिए इस शर्त को हटाने के बदले में हर खरीदार से एक लाख रुपये की राशि वन टाइम चार्ज करने का निर्णय लिया गया था।