चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) ने शहर के हजारों लोगों को राहत देते हुए मकानों के ट्रांसफर से पहले उनमें वायलेशन का निरीक्षण कराने का फैसला वापस ले लिया है।
सीएचबी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की शुक्रवार को हुई बैठक में इस अनिवार्यता को खत्म करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद अब वह लोग भी अपनी प्रापर्टी ट्रांसफर कर पाएंगे जिन्होंने अपने मकानों में वायलेशन कराया है। इन लोगों को पहले की तरह सिर्फ अंडरटेकिंग देनी देगी।
सीएचबी के मकानों में रहने वाले 90 फीसदी लोगों ने किसी न किसी तरह की वायलेशन की हुई है। ऐसे में वह अपना मकान का ट्रांसफर नहीं करा पा रहे थे।
सीएचबी ने पिछले साल यह फैसला लिया था कि जो भी अपने मकान का ट्रांसफर कराने के लिए आवेदन करेगा उसके मकान में पहले वायलेशन की इंस्पेक्शन रिपोर्ट तैयार कराई जाएगी।
सीएचबी के इस फैसले से बाद पिछले कई महीनों से ट्रांसफर का काम रुक गया था क्योंकि लगभग सभी मकानों में वायलेशन थी।
सीएचबी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने सीएचबी के मकानों में नीड बेस्ड चेंजेंस के बारे में फैसला लेने के लिए चंडीगढ़ के संपदा अधिकारी और उपायुक्त मोहम्मद शाइन की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया है।
कमेटी में संपदा विभाग के अलावा चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अधिकारी और चीफ आर्किटेक्ट भी होंगी। यह कमेटी तय करेगी कि सीएचबी के मकानों में कौन-कौन से नीड बेस्ड चेंजेस को मंजूरी दी जाए जो कि नियमों के अंदर हो।
इसके अलावा एक अन्य कोर कमेटी का गठन किया गया है जो कि शहर में सीएचबी के मकानों में बिल्डिंग वायलेशन चेक करेगी।
सर्विस टैक्स लिया जाएगा :
बैठक में सीएचबी के वर्ष 2014-15 के प्रस्तावित बजट को भी मंजूरी दे दी गई। बैठक में यह भी तय हुआ कि सीएचबी ने वर्ष 2007 के बाद जिन मकानों को लीजहोल्ड पर अलॉट किया था, उनसे सर्विस टैक्स लिया जाएगा।
पांच साल से पहले फ्लैट नहीं बेच सकेंगे :
बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि सीएचबी की एश्योर्ड अलाटमेंट स्कीम के तहत फ्लैट खरीदने वाले लोग पांच साल से पहले भी फ्लैट बेच सकेंगे।
फैसले का किया स्वागत :
फेडरेशन ऑफ वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष जितेंद्र भाटिया ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे हजारों लोगों को फायदा होगा और प्रापर्टी की ट्रांसफर का जो काम रुक गया था वह दोबारा से शुरू हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि नीड बेस्ड चेजेंस पर बनी कमेटी जल्द रिपोर्ट दे। फॉसवेक के अध्यक्ष पीसी सांघी ने भी इस फैसले का स्वागत किया है।
बंसल ने किया था दौरा :
ध्यान रहे कि सांसद पवन कुमार बंसल ने पिछले महीने प्रशासन के अधिकारियों के साथ सेक्टर 45, 46 और 47 में चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) के मकानों में हुई वायलेशन को देखा था और उसके बाद अधिकारियों के साथ बैठक की थी। बैठक में बंसल ने ही लोगों की मांग को रखते हुए कहा था कि ट्रांसफर के लिए वायलेशन की इंस्पेक्शन कराने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया जाए।