अब जल्द ही संगाई छतबीड़ जू में आपकी राह ताकता नजर आएगा। संगाई यानी मणिपुरी हिरण जल्द ही छतबीड़ जू में आएंगे। मणिपुरी हिरण की खूबी ही यह है कि वह कुलांचे भरते हुए खास अंदाज में पीछे मुड़कर देखता है, जिससे ऐसा लगता है कि मानो वह किसी का इंतजार कर रहा हो।
छतबीड़ प्रबंधन एनीमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत चिंकारा के बदले छतबीड़ जू में मणिपुरी हिरण को लाएगा। यह योजना छतबीड़ जू प्रबंधन की है। छतबीड़ जू के एक अधिकारी ने कहा कि नई दिल्ली जू के साथ छतबीड़ जू प्रबंधन की बातचीत चल रही है। बारिश के मौसम के बाद यह एक्सचेंज प्रोग्राम होगा।
चिंकारा
दक्षिण एशिया में पाया जाने वाला एक प्रकार का जानवर है। भारत, बांग्लादेश के घास के मैदानों और मरुभूमि में और ईरान और पाकिस्तान के कुछ इलाकों में पाया जाता है।
चिंकारा की ऊंचाई कंधे तक 65 सेंटीमीटर होती है और वजन 23 किलोग्राम होता है। इसके चेहरे के किनारों में आंख के किनारे से नथुनों तक एक काली धारी होती है जिसके किनारे में सफ़ेद धारी होती है। सींग 39 सेमी तक लंबे होते हैं। यह शर्मीला है और इंसानी आबादी से बचकर रहता है।
मणिपुरी हिरण
मणिपुरी यानी संगाई जिसका मतलब होता है नाचता कुलांचे भरता हिरण। संगाई की खूबी है कि वह हरे भरे जंगलों में कुलांचे भरता है, फिर वह खास अंदाज में मुड़कर पीछे देखता है। पूर्वोत्तर के विष्णुपुर इलाके में सबसे बड़ी मीठे पानी की झील लोकटक लेक के आसपास के जंगलों में संगाई हिरण का प्राकृतिक तौर पर बसेरा है। संगाई मणिपुर राज्य का मणि है। अब इसकी संख्या यहां कम हो रही है। दक्षिण एशिया में संगाई प्रजाति के तीन हिरण पाए जाते हैं। पहला थाईलैंड का संगाई, दूसरा म्यांमार का संगाई और तीसरा मणिपुर का संगाई।