बता दें कि सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद सैनी अभी तक न तो इस मामले की जांच कर रही एसआईटी के सामने पेश हुए हैं और न ही उन्होंने अदालत में बांड ही भरा है। कानून विशेषज्ञों के मुताबिक चार्जशीट दाखिल होने के बाद कभी भी जमानती बांड भर सकते हैं।
1991 में पुलिस ने गिरफ्तार किया था बलवंत सिंह मुल्तानी को
यह मामला वर्ष-1991 का है। उस समय सुमेध सिंह सैनी चंडीगढ़ के एसएसपी थे। 1991 में उनके ऊपर आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में सैनी की सुरक्षा में तैनात चार पुलिसकर्मी मारे गए थे, जबकि सैनी जख्मी हो गए थे। इस केस के संबंध में पुलिस ने सैनी के आदेश पर पूर्व आईएएस अधिकारी दर्शन सिंह मुल्तानी के सीटीयू में तैनात इंजीनियर बेटे बलवंत सिंह मुल्तानी को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद से उसका कुछ पता नहीं चला।
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यह मामला पहले सुप्रीम कोर्ट तक गया था। हालांकि कुछ साल पहले पंजाब पुलिस के एक बर्खास्त अधिकारी ने एक मैगजीन को साक्षात्कार दिया था। इस साक्षात्कार में उन्होंने बलवंत सिंह मुल्तानी का जिक्र किया था। इसके बाद मुल्तानी के परिजनों ने पुलिस को शिकायत दी थी, इसके साथ ही पुलिस ने केस दर्ज किया था।