धरने पर बैठे पूर्व मंत्री
उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावरों ने उन्हें धमकाया कि रंधावा के खिलाफ खड़े होने वालों का यही हाल किया जाएगा। उन्होंने पुलिस पर भी मूकदर्शक बन कर खड़े होने का आरोप लगाते हुए कहा कि इंस्पेक्टर विपन कुमार व परमवीर सिंह ने उन्हें छुड़ाने तक का प्रयास नही किया। उन्होंने बताया कि उनके लोग जो विडियो बना रहे थे, उन्हें सुबह ही डरा धमका कर भगा दिया गया।
वहीं दूसरी ओर से गांव शकरी में पूर्व अकाली मंत्री सुच्चा सिंह लंगाह ने भी मंत्री रंधावा की शह पर बूथ कैप्चरिंग के आरोप लगाए। इसके बाद अकाली कार्यकर्ताओं ने उनकी अगवाई में धरना दिया गया। लंगाह ने बताया उन्होंने डीसी गुरदासपुर के आश्वासन पर धरना खत्म किया है। लंगाह ने बताया उन्हें आश्वस्त किया गया कि इस बूथ पर दोबारा पोलिंग होगी। उन्होंने कहा कि अगर दोबारा पोलिंग नही करवाई जाती तो वह हाईकोर्ट की शरण में जाएंगे।