चंडीगढ़। ढाई साल के बेटे को बेड बॉक्स में बंद कर हत्या करने के मामले में जिला अदालत ने वीरवार आरोपी मां रूपा के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। यह आरोप अदालत ने हत्या की धारा और साक्ष्य मिटाने की धाराओं के तहत तय किए हैं। अब 27 अगस्त से मामले का ट्रायल शुरू होगा। महिला की पति से अनबन चल रही थी, जिसके चलते उसने अपने दोनों बच्चों की हत्या की थी।
27 जनवरी 2020 को मृतक दिव्यांशु (ढाई साल) के पिता और बुड़ैल निवासी दशरथ ने बताया था कि रूपा से जुलाई 2016 में शादी हुई थी। शादी के करीब डेढ़ साल तक वह गांव में रही। करीब दो साल पहले ही उसे गांव से चंडीगढ़ लेकर आया था। 25 जनवरी को वह बेटे को लेकर घर छोड़कर कहीं चली थी। उसे काफी ढूंढा, लेकिन उसका पता नहीं चल पाया। जैसे ही वह घर पहुंचा तो उसने चादर निकालने के लिए बेड खोला तो अंदर मासूम दिव्यांशु का शव मिला था। उसके मुंह में कपड़ा डाला हुआ था। बच्चे की मौत हो चुकी थी। दशरथ ने अपनी छह महीने की बच्ची की हत्या का भी जिक्र किया जिसकी 21 दिसंबर, 2019 को मौत हुई थी। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्र से निकलवाकर उसका पोस्टमार्टम करवाया था। रिपोर्ट से खुलासा हुआ था कि छह महीने की मासूम कोमल की गला घोंटकर हत्या की गई थी। उसके बाद सेक्टर-34 थाना पुलिस ने 302 (हत्या) की धारा में 201 (साक्ष्य मिटाना) धारा को जोड़ दिया गया था। दो दिन का पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद उसे जिला अदालत में पेश किया गया था, जहां अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था, तब से महिला जेल में बंद है।