मोहाली। जिले में आयोजित ब्लैकआउट मॉक ड्रिल के दौरान उस समय अव्यवस्था की स्थिति बन गई जब निर्धारित समय से पहले ही डीसी ऑफिस के आसपास की स्ट्रीट लाइट और दफ्तर की बिजली बंद कर दी गई। इस लापरवाही पर उपायुक्त कोमल मित्तल ने मौके पर नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई। यह मॉक ड्रिल आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारी के तहत आयोजित की गई थी, लेकिन शुरुआत में समन्वय की कमी साफ नजर आई।
तय समय से पहले ही अंधेरा करने से प्रशासनिक टीमों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। डीसी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसी ड्रिल में समय और प्रक्रिया का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। इसके बाद दोबारा निर्धारित समय के अनुसार मॉक ड्रिल शुरू की गई। इस दौरान पुलिस बल, सिविल डिफेंस वार्डन और अन्य संबंधित विभागों के कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने ब्लैकआउट की स्थिति में सुरक्षा, ट्रैफिक नियंत्रण और आम लोगों को जागरूक करने से जुड़े अभ्यास किए। ड्रिल के सीमित दायरे को लेकर भी सवाल उठे, क्योंकि यह केवल डीसी ऑफिस के आसपास ही केंद्रित रही।