मां-बाप की दुआएं काम आईं और चट्टान पर टांगे गए लाल कपड़े ने कमाल दिखाया। नतीजा, हम दोनों की जांच बच गई। हमारी इसी समझदारी ने हमें तलाश रहे हेलीकॉप्टर्स की मदद की। ये आपबीती सुनाई, चंद्रखणी ट्रैकिंग रूट पर बर्फीली पहाड़ियों में फंसे अंबाला सिटी निवासी सौरव शर्मा और चेतन शौरी ने।
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हादसे में फंसे 5 छात्रों को बचा लिया गया है, जबकि दो छात्र अनिल और हितेंद्र लापता हैं। बचाए गए छात्रों का कुल्लू अस्पताल में इलाज चल रहा है। सौरव की हालत कुछ बिगड़ी हुई है, वहीं चेतन की हालत में सुधार है।
इन छात्रों ने भले ही बर्फीली पहाड़ियों में फंसे होने के बावजूद मौत को मात देकर नई जिंदगी हासिल की है, लेकिन वो मंजर याद करके ये छात्र खौफजदा है। कुल्लु प्रशासन ने रविवार शाम को सौरव और चेतन को बचा लिए जाने की सूचना अंबाला में उनके परिजनों को दी, तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा। परिजन तुरंत कुल्लु के लिए रवाना हो गए।
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अनिल ने सौ नंबर पर कॉल करके पुलिस को बता दिया था
चंद्रखणी बचाव अभियान
- फोटो : अमर उजाला
चेतन ने बताया कि वे अपने गाइड के साथ ट्रैकिंग के लिए गए थे, लेकिन अचानक मौसम खराब होने की वजह से वह चंद्रखणी ढर्रे पर रास्ता भटक गए। अत्यधिक बर्फ होने की वजह उन्हे खासी परेशानी हुई, अचानक बारिश और बर्फबारी ने मुसीबत ज्यादा बढ़ा दी।
उनके अनुसार उनकी टीम के पास दो टैंट थे, उन्होंने टैंट लगाकर वहां पनाह लेने की कोशिश की, लेकिन तूफानी हवाओं के साथ बर्फबारी इतनी हो रही थी कि टैंट ही उड़ गए। उसके बाद छात्रों में हड़कंप मच गया और सभी बचने के लिए एक टीम में दूसरी पनाह ढूंढने लगे। तभी उन्हे एक बड़ी चट्टान के नीचे पनाह मिली।
इसी दौरान हमीरपुर निवासी अनिल ने तुरंत सौ नंबर पर फोन करके शनिवार को अपनी इस आफत की सूचना इलाका पुलिस कंट्रोल को दे दी थी। जिसके बाद कुल्लु प्रशासन ने भी छात्रों को ढूंढने की कोशिशें शुरू कर दी थी।
खाना खत्म हो चुका था, भूखे थे, पर हिम्मत नहीं हारी
चंद्रखणी बचाव अभियान
- फोटो : अमर उजाला
चेतन ने बताया कि हमारे पास खाना भी खत्म हो चुका था, लेकिन भूखे रहकर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी, उन्हे उम्मीद थी कि सूचना मिलने के बाद हैलीकाप्टर की मदद से उन्हे जरूर ढूंढा जाएगा। इसलिए उन्होंने वहीं एक चट्टान पर ट्रैक सूट और एक पेड़ पर लाल कपड़ा टांग दिया था।
छात्रों की यही समझदारी छात्रों की तलाश में रैकी कर रहे हैलीकाप्टरों के लिए मददगार साबित हुई और हैलीकाप्टरों ने उनकी लोकेशन जानकर छह छात्रों को एयरलिफ्ट करवाया। चेतन ने बताया कि अनिल और हितेंद्र दोनों अभी तक लापता है, क्योंकि वह उसी ढर्रे से उनसे जुदा हो गए थे और रास्ता तलाशने व पनाह लेने के चक्कर में थोड़ी दूर निकल गए थे। इसलिए दोनों का संपर्क उनसे टूट गया था।
चेतन के अनुसार यदि उन्हे मदद नहीं मिलती, तो शायद सभी बर्फ में ही दफन होकर रह जाते। उधर, चेतन के पिता सुभाष, इलाकावासी टोनी चौधरी व इलाका पार्षद सोनिया रानी का कहना है कि कुल्लु प्रशासन ने इस आपरेशन में पूरा सहयोग दिया है। इसके लिए वे कुल्लु प्रशासन के शुक्रगुजार है। उनके अनुसार अंबाला के लोगों की दुआओं का ही नतीजा है कि दोनों युवक जिंदा निकल आए हैं।
संगरूर स्थित स्लाइट के स्टूडेंट्स थे, 8 मार्च का ट्रैकिंग पर गए थे
चंद्रखणी बचाव अभियान
- फोटो : अमर उजाला
मालूम हो कि आठ मार्च को संत लोंगोवाल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नालॉजी (स्लाइट), संगरूर के सात छात्र बिजली महादेव होते हुए चंद्रखणी के लिए ट्रैकिंग पर निकले थे। उनके साथ कुल्लू के मोहल का एक लोकल गाइड भी था। 11 मार्च को छात्रों ने 100 नंबर पर फोन कर सूचना दी कि वे बर्फ में रास्ता भटक गए हैं। उसके बाद उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया था।
प्रशासन ने पुलिस, आईटीबीपी, पर्वतारोहण संस्थान मनाली, हिमालयन हेली स्कीइंग व स्थानीय ट्रैकरों की मदद से इन छात्रों की तलाश शुरू की लेकिन रविवार सुबह तक उनका कोई अतापता नहीं था। बर्फ में फंसे छात्रों को तलाशने में हिमालयन हेली स्कीइंग के दल ने अहम भूमिका निभाई।
उपायुक्त कुल्लू हंस राज चौहान ने बताया कि चंद्रखणी पास से चेतन निवासी अंबाला सिटी, अक्षय कुमार चंबा, रोहित कुमार नितकार निवासी जिला बागपत यूपी, अंकुर गुरदासपुर और भरत निवासी मौहल को सुरक्षित निकाल लिया गया। अनिल निवासी हमीरपुर और हितेंद्र निवासी शिमला को अभी नहीं निकाला जा सका है।