कुत्ते के मरने पर मेयर ने जताई रेबीज की आशंका
- फोटो : अमर उजाला
एक दर्जन से ज्यादा लोगों को शिकार बनाने वाले कुत्ते की मौत के बाद सेक्टर-15 के लोगों में आतंक का माहौल है। वहीं मेयर आशा जसवाल ने भी चेतावनी देते हुए आशंका जताई है कि रेबीज हो सकता है ऐसे में जिन लोगों को कुत्तों ने काटा है वे अपना पूरा इलाज करवाएं। इलाज चाहे वे सरकारी अस्पताल में करवाएं या प्राइवेट लेकिन इलाज होना चाहिए। कुत्ते की मौत के बाद नगर निगम के अधिकारी भी सकते में आ गए हैं।
एमओएच विंग ने सेक्टर-15 के एरिया के अन्य कुत्तों को पकड़कर उनको भी एंटी रेबीज वैक्सीन दी है क्योंकि आशंका जताई जा रही है कि मरने वाले कुत्ते के संपर्क में अन्य एरिया के कुत्ते भी आएं हो। ऐसे में अगर इस कुत्ते ने अगर किसी दूसरे आवारा कुत्ते को भी अपना शिकार बनाया हो तो यहां की स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। एमओएच विंग के डा. एमएस कंबोज का कहना है कि सुबह से लेकर शाम तक कुल 35 कुत्तों को एंटी रेबीज वैक्सीन दी गई है। दो कुत्ते ऐसे मिले हैं जिन्हें नसबंदी के लिए सेक्टर-38 के अस्पताल में छोड़ दिया गया है।
एनिमल हस्बेंडरी विभाग ने कुत्ते के सैंपल जांच के लिए कसौली स्थित नेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट सेंटर में भेज दिए हैं। सेंटर ही जांच के बाद रेबीज की पुष्टि करेगा। नगर निगम की टीम ने सेक्टर-15 में उन लोगों को भी चेक किया है जिन्हें कुत्ते ने काटा है।
कहां से आया यह लावारिस कुत्ता
कुत्ते के मरने पर मेयर ने जताई रेबीज की आशंका
कुत्ते की मौत की जानकारी नहीं दी निगम को
कुत्ते की सेक्टर-38 स्थित एसपीसीए अस्पताल में मौत की जानकारी नगर निगम के अधिकारियों को शनिवार नहीं दी गई। रविवार को एमओएच विभाग के डाक्टर एमएस कंबोज ने ही अस्पताल में बात की तब पता चला कि कुत्ते की मौत हो गई है। इसके बाद सेक्टर-15 में अन्य कुत्तों को वैक्सीन देने का कैंप लगाया गया। मेयर आशा जसवाल का कहना है कि उन्हें कुत्ते की मौत की जानकारी अधिकारियों की ओर से शनिवार रात तक नहीं दी गई थी।
सादिया को काटने वाले कुत्ते की हुई थी मौत
वर्ष 2015 में जब बच्ची साजिया के मुंह पर कुत्ते ने काटा था तो उस समय उसे ह्यूमन सीरम ही लगाया जाना था। सिटी में यह सीरम नहीं मिला, जिसके कारण बच्ची के शरीर में रेबीज फैल गया। साजिया को जिस कुत्ते ने काटा था उस कुत्ते की भी मौत हो गई थी।
कहां से आया यह लावारिस कुत्ता
सेक्टर-15 में जिस लावारिस कुत्ते ने लोगों को काटा है यह कुत्ता इस एरिया का नहीं था, लेकिन यह भी पता नहीं चला है कि यह कुत्ता यहां पर कौन छोड़ गया। नगर निगम के अनुसार हो सकता है कि जब कुत्ता किसी एरिया में काट रहा हो तो वहां का कोई निवासी ही सेक्टर-15 में छोड़ गया हो। यहां के निवासियों और मरीजों का भी कहना है कि इससे पहले कभी इस कुत्ते को नहीं देखा गया था।
सोमवार को खोला जान है नया टेंडर
मेयर आशा जसवाल
- फोटो : फाइल फोटो
सोमवार को खोला जान है नया टेंडर
नगर निगम ने आवारा कुत्तों की नसबंदी और एंटी रेबीज वैक्सीन देने के लिए नया टेंडर निकाला है जिसकी बिड सोमवार को खोली जाएगी। अभी तक जो कंपनी कुत्तों की नसबंदी कर रही है वह प्रति कुत्ते का 972 रुपये चार्ज करती है।
आवारा कुत्तों को गोद लेने के लिए लोगों को अवेयर करना चाहिए : पीएफए
पीएफए के पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के प्रभारी चेतन शर्मा का कहना है कि कुत्ता बेजुबान होता है वह ऐसे ही किसी को नहीं काटता है। उसे खाने के लिए लोग कुछ नहीं देते है और जब उसे मारा जाता है तो वह काटते है। प्रशासन को चाहिए कि चंडीगढ़ में चार अलग अलग जगह पर शेल्टर बनाए जाएं जहां पर कुत्तों को लाकर वहां पर उनकी देखभाल करनी चाहिए। उनका कहना है कि नगर निगम अपना बजट फिजूल में खर्च करता है। आवारा कुत्तों को गोद लेने के लिए लोगों को अवेयर करना चाहिए। नसबंदी समय पर होनी चाहिए तो उनकी संख्या बढ़ेगी नहीं।