चंडीगढ़। शहर में बेहतर इलाज, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी बड़ी परियोजनाओं को गति देने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने केंद्र के सामने कई अहम प्रस्ताव रखे हैं। पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने नई दिल्ली में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और केंद्रीय मंत्रियों के साथ हुई सिलसिलेवार बैठकों में चंडीगढ़ से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। इनमें चंडीगढ़ रीजनल मेडिकल हब के लिए 2,000 करोड़ रुपये, मेडिकल कॉलेज में पीजी की 36 अतिरिक्त सीटें और पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पीईसी) को पूरी तरह केंद्र पोषित संस्थान बनाने की मांग शामिल है।
मेडिकल हब के लिए 2000 करोड़, पीजी की 36 सीटें मांगीं
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात में प्रशासक ने मेडिकल कॉलेज में पोस्ट ग्रेजुएट की 36 अतिरिक्त सीटें देने का अनुरोध किया। साथ ही चंडीगढ़ रीजनल मेडिकल हब परियोजना को पूरी तरह सरकारी खर्च से विकसित करने के लिए 2,000 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता मांगी। इसका उद्देश्य शहर में स्वास्थ्य सुविधाओं और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं को और मजबूत करना है।
पीईसी को केंद्रीय संस्थान बनाने पर जोर
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी के साथ बैठक में कटारिया ने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज को बंगाल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, शिबपुर की तर्ज पर पूरी तरह केंद्र पोषित संस्थान बनाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने यूजीसी नियम-2018 के तहत डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा प्राप्त पीईसी में वाइस चांसलर की नियुक्ति की मांग भी रखी।
नशामुक्ति में पुनर्वास के साथ रोजगार
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात के दौरान चंडीगढ़ को नशामुक्त बनाने के प्रयासों पर चर्चा हुई। प्रशासक ने नशे की गिरफ्त में आए लोगों के पुनर्वास के साथ कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में केंद्र से सहयोग मांगा, ताकि उन्हें दोबारा सामान्य जीवन से जोड़ा जा सके।
रावी की बाढ़ से स्थायी समाधान की मांग
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल के साथ बैठक में रावी नदी की बाढ़ से अमृतसर, गुरदासपुर और पठानकोट के सीमावर्ती क्षेत्रों में हुए नुकसान का मुद्दा उठाया गया। बार-बार आने वाली बाढ़ से निपटने के लिए दीर्घकालिक और स्थायी योजना बनाने की मांग की गई।
राष्ट्रपति को विजय दिवस समारोह का निमंत्रण
प्रशासक ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें दिसंबर में पंजाब के फाजिल्का स्थित असाफवाला वॉर मेमोरियल में होने वाले विजय दिवस समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया। इससे पहले उन्होंने उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से भी मुलाकात की। बैठक में पंजाब यूनिवर्सिटी को देश की अग्रणी यूनिवर्सिटी बनाने और वहां एआई सेंटर स्थापित करने के लक्ष्य पर चर्चा हुई।
अज्ज सरोवर और ले कार्बूजिए सेंटर भी एजेंडे में
गुलाब चंद कटारिया ने केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का खरड़ के अज्ज सरोवर के लिए 93 करोड़ रुपये तथा सेक्टर-19 स्थित ले कार्बूजिए सेंटर में डिजिटल म्यूजियम के लिए करीब 19 करोड़ रुपये मंजूर करने पर आभार जताया। ले कार्बूजिए सेंटर में डिजिटल म्यूजियम की परियोजना पर पहले भी काम आगे बढ़ चुका है।
इन बैठकों का व्यापक फोकस केंद्र और चंडीगढ़ प्रशासन के बीच समन्वय मजबूत करने तथा स्वास्थ्य, शिक्षा, नशामुक्ति, बाढ़ प्रबंधन और सांस्कृतिक विकास से जुड़ी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर रहा।