चंडीगढ़ में मानसून को आए पूरे 22 दिन बीत चुके हैं, लेकिन लोगों को अब भी मानसूनी बारिश का इंतजार है। बारिश न होने से गर्मी व उमस इस सीजन के सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार तो मानसूनी बारिश के लिए लोगों को अभी लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि बीच-बीच में स्थानीय मौसमी सिस्टम की वजह से बारिश की फुहारें पड़ती रहेंगी। आठ से दस जुलाई के बीच चंडीगढ़ सहित पंजाब-हरियाणा के कुछ हिस्सों में बारिश होगी। एक साथ पूरे इलाके में बारिश के लिए लोगों को 11 जुलाई तक इंतजार करना पड़ सकता है।
मौसम वैज्ञानिक नवदीप दहिया का कहना है कि मौसम की मौजूदा गतिविधियों को देखने से पता चल रहा है कि 11 से 15 जुलाई के बीच मानसून सक्रिय हो सकता है। इस दौरान पश्चिमी विक्षोभ के भी आने की संभावनाएं बन रही हैं। इससे उम्मीद बन रही है कि चंडीगढ़ सहित पंजाब व हरियाणा में अच्छी बारिश हो सकती है। यदि इस दौरान पश्चिमी विक्षोभ आता है तो कुछ इलाकों में भारी बारिश की भी संभावना दिख रही है। इस बारे में पूरी स्थिति अगले दो से तीन दिन में साफ हो जाएगी, लेकिन इससे पहले लोगों को फिर से अच्छी खासी गर्मी झेलनी पड़ सकती है। अगले तीन दिन तक बारिश होने की बहुत ही कम संभावना है।
रविवार को फिर से गर्मी बढ़ गई। अधिकतम तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस अधिक रहा जबकि न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ, जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक रहा। हवा में नमी की मात्रा भी बढ़ गई है। रविवार को अधिकतम नमी 74 फीसदी रिकार्ड हुई जबकि न्यूनतम 49 फीसदी। हवा में नमी की मात्रा बढ़ने से लोगों को चिपचिपी गर्मी झेलनी पड़ सकती है।
मानसूनी बारिश में 18 फीसदी की कमी
बरसात नहीं होने से मानसूनी बारिश का आंकड़ा कम होता जा रहा है। इसमें अब तक 18 फीसदी की कमी हो चुकी है। मौसम विभाग के मुताबिक अब तक चंडीगढ़ में 156 एमएम बारिश हो जानी चाहिए थी लेकिन 127 एमएम बारिश ही रिकार्ड हो पाई है। बारिश नहीं होने की स्थिति में बारिश की कमी का आंकड़ा बढ़ता जाएगा। चंडीगढ़ में अब तक मानसून सीजन में एक भी बार भारी बारिश दर्ज नहीं हुई है। उम्मीद है कि 11 से 15 जुलाई के बीच अच्छी बारिश होगी।
अगले तीन दिन ऐसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के मीडिया बुलेटिन के मुताबिक, अगले तीन दिन अधिकतम तापमान 39 डिग्री और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री के आसपास दर्ज किया जा सकता है। इस दौरान हवा में नमी की मात्रा फिर से बढ़ सकती है। इससे लोगों को गर्मी ज्यादा महसूस होगी। आठ व नौ जुलाई के आसपास गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि इस बीच हवा में नमी ज्यादा होने से बादल बन सकते हैं, जो बारिश कराएंगे, लेकिन ये बादल कुछ देर के लिए और कुछ जगहों पर ही बरसते हैं। पूरे इलाके में बारिश नहीं होती है।