चंडीगढ़ में गुरुवार को मानसून ने धमाकेदार एंट्री ली। सुबह साढ़े आठ से 11.30 बजे तक जोरदार बारिश हुई और 68.2 एमएम पानी गिरा। इससे पूरे शहर में जलभराव हो गया। सड़कों पर कई फुट तक पानी भर गया। इसके बाद शाम साढ़े बजे तक रुक-रुक कर बारिश होती रही। मौसम विभाग के मुताबिक, गुरुवार को कुल 72.9 एमएम पानी बरसा। विभाग ने मानसून के आने की पुष्टि करते हुए बताया कि अगले तीन से पांच दिन तक बारिश होगी और मौसम ऐसा ही रहेगा।
बारिश से सुखना का जलस्तर 1157 फुट पर पहुंचा, निगरानी शुरू
सुखना झील का जलस्तर 1157 फुट पहुंच गया। हालांकि ये खतरे के निशान 1163 से अभी दूर है लेकिन बारिश के मौसम के चलते अधिकारियों ने लेक पर निगरानी बढ़ा दी है। अगर कैचमेंट एरिया में बारिश होती है तो सुखना लेक का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है। यही कारण है कि लेक पर अधिकारियों की तैनाती के साथ हर घंटे के बाद जलस्तर बढ़ने की जानकारी ली जा रही है।
यूटी प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि झील के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए विभाग के कर्मचारियों की पहले ही तैनाती कर दी गई है। पंजाब को भी इसे लेकर जानकारी दी जा रही है ताकि सुखना से पानी छोड़ना पड़ा तो वहां पर पहले ही उचित इंतजाम हों। इससे पहले वर्ष 2020 में जलस्तर 1163.40 फुट पर पहुंचने के बाद ही गेट खोले गए थे, जिसके चलते सुखना चो भी ओवरफ्लो हो गया था।
सुखना वाइल्ड लाइफ सेंचुरी तीन महीने के लिए बंद
यूटी प्रशासन के वन विभाग ने तीन महीने के लिए सुखना वाइल्ड लाइफ सेंचुरी को बंद कर दिया है। उप वन संरक्षक (डब्ल्यूएल) और उप मुख्य वन्यजीव वार्डन डॉ. अब्दुल कयूम की तरफ से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। कहा गया है कि एक जुलाई से एक अक्तूबर के बीच सुखना वाइल्ड लाइफ सेंचुरी को बंद रखा जाएगा क्योंकि बारिश का मौसम है और वन्यजीवों के लिए प्रजनन का मौसम है। दो अक्तूबर से सुखना वाइल्ड लाइफ सेंचुरी को दोबारा लोगों के लिए खोला जाएगा।