मौसम विभाग के विशेषज्ञों के मुताबिक, ठंड के कमजोर पड़ने के पीछे मौसमी सिस्टम रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के पास पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहा तो इसके प्रभाव से राजस्थान के पास चक्रवाती हवाओं का सिस्टम बना। इन दोनों सिस्टम ने बफीर्ली हवाओं को रोकने में मदद की। इससे तापमान बढ़ गया।
दरअसल, जब पहाड़ों पर बर्फबारी होती है तो उसके बाद मैदानी इलाकों में बर्फीली हवाएं आती हैं। इन हवाओं को रोकने में एक मौसमी सिस्टम की आवश्यकता पड़ती है। ये मौसमी सिस्टम पश्चिमी विक्षोभ के अलावा अरब सागर व बंगाल की खाड़ी से आने वाली हवाएं भी हो सकती हैं। जब यह सिस्टम कमजोर पड़ेगा तो ठंड का प्रभाव फिर से शुरू हो जाएगा।
आगे कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग का कहना है कि बुधवार से मौसमी सिस्टम कमजोर पड़ने लगेंगे। बुधवार को भी हल्के बादल छाए रहेंगे। बुधवार को अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जाएगा। गुरुवार से धुंध का प्रभाव शुरू होगा। इस दिन रात के तापमान में गिरावट आएगी। गुरुवार को अधिकतम तापमान 18 डिग्री और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री के आसपास दर्ज किया जा सकता है। शुक्रवार को रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है। दिन का तापमान 19 डिग्री और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री के आसपास रिकार्ड किया जाएगा।