चंडीगढ़ में सीबीआई आए दिन ट्रैप लगाकर भ्रष्टाचारियों को दबोच रही है लेकिन चंडीगढ़ के विजिलेंस विभाग ने पिछले कई वर्षों में एक भी बड़ी कार्रवाई नहीं की। ऐसा नहीं है कि लोग शिकायत नहीं कर रहे हैं। लोगों की तरफ से विजिलेंस को लगातार विभागों में भ्रष्टाचार की शिकायत दी जा रही है लेकिन ये फाइलों में ही दबी रह जाती हैं।
नगर निगम में लंबे समय से प्रॉपर्टी टैक्स के दस्तावेज गुम होने के मामले में विजिलेंस अभी तक जांच पूरी नहीं कर सकी है। गर्ग ने शिकायत दी थी कि नगर निगम से यह रिकॉर्ड कैसे और कहां गुम हुआ। प्रॉपर्टी टैक्स के दस्तावेज गुम होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। टैक्स जमा होने के बाद भी लोगों को नगर निगम ने बीते वित्तीय वर्षों के प्रॉपर्टी टैक्स की बकाया रकम की नोटिस भेज दिए जिससे काफी लोग परेशान हुए। लोगों ने कई बार निगम के दफ्तर में जाकर इसकी जानकारी दी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस मामले में पूर्व सलाहकार मनोज परिदा ने विजिलेंस जांच के निर्देश दिए थे। जांच लंबित रहने पर आरके गर्ग ने शिकायत दी थी।
गर्ग ने आईटी विभाग से स्पिक (द सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ आईटी इन चंडीगढ़) को ठेका देने संबंधित विजिलेंस विभाग को शिकायत दी थी। आरके गर्ग ने कहा कि एक तरफ तो डिजिटल इंडिया बनाने की बात कही जा रही है। दूसरी तरफ आईटी विभाग की तरफ से सारे काम का ठेका स्पिक को दे दिया गया जो कि एक सोसाइटी है और सोसाइटी एक्ट के तहत पंजीकृत है। ऐसे में आम जनता का पैसा सोसाइटी को जाने लगा। गर्ग ने बताया कि लोकल ऑडिट विभाग ने ऑडिट किया था तो उसमें भी खामियां पाई गई थीं। आईटी के पास पूरा स्टाफ होने के बावजूद स्पिक को ठेका देकर लाभ पहुंचाया जा रहा है। इसकी विजिलेंस जांच भी लटकी हुई है।
शहर में 529 मोबाइल के टावर लगाए जाने को लेकर आरके गर्ग ने विजिलेंस जांच की मांग की थी। इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके अलावा गर्ग ने एक अन्य शिकायत में आरोप लगाया था कि नगर निगम ने रेहड़ी फड़ी के सर्वे के दौरान बाहरी एजेंसी के माध्यम से बड़े पैमाने पर सार्वजनिक धन का दुरुपयोग किया है। इसमें कहा कि सर्वे के दौरान अचानक कई गुना रेहड़ी फड़ी वाले बढ़ गए थे। इस मामले की भी विजिलेंस ने कोई जांच नहीं की।
विजिलेंस पब्लिक डीलिंग की शिकायतों को भी गंभीरता से नहीं ले रही है। ऐसे में आम जनता को विजिलेंस विभाग का क्या फायदा होगा। शिकायतों पर कार्रवाई न होने से भ्रष्टाचार भी फैलता है। सरकार और लोगों को नुकसान भी होता है। - आरके गर्ग, समाजसेवी