फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चंडीगढ़ में दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक बसें, ये रही खूबियां और कमियां

Fri, 27 May 2016 08:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
प्रदूषण मुक्त शहरों के लिए इलेक्ट्रिक बस - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
चंडीगढ़ को प्रदूषण फ्री बनाने के लिए सीटीयू इलेक्ट्रिक बसें दौड़ाने की तैयारी में है।  चंडीगढ़ में लगातार बढ़ती वाहनों की कतार और उससे पनपते प्रदूषण से निपटने के लिए प्रशासन क्लीन फ्यूल वाहनों को प्रमोट कर रहा है। खासकर पब्लिक ट्रांसपोर्ट से इसकी शुरुआत हो रही है। आने वाले दिनों में आपकों चंडीगढ़ की सड़कों पर 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक बसें दौड़ती दिखेंगी।
विज्ञापन


भारत सरकार की फास्टर एडोप्शन एंड मेन्यूफेक्चिरिंग आफ हाइब्रिड एंड इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (फेम) स्कीम के तहत प्रशासन पहले पायलट प्रोजेक्ट के तहत यह बसें चलाएगा। पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत 2 या 3 बसों से होगी। उसके परिणाम देखने के बाद बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। फेम स्कीम के तहत भारत सरकार इलेक्ट्रिक बस पर 75 प्रतिशत तक सब्सिडी देती है। यानी चंडीगढ़ प्रशासन को अपनी तरफ से 25 प्रतिशत बजट ही वहन करना होगा।

शुक्रवार को सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसें सचिवालय में एडवाइजर परिमल राय और दूसरे अधिकारियों को दिखाने केलिए लाई गई। बसें इतनी आकर्षक थी कि हर कोई इनकी तस्वीर अपने फोन में कैद करने लगा। इतना ही नहीं ज्यादातर लोगों के मन में इनकी सवारी करने की हसरत दिखी। एडवाइजर परिमल राय, वित्त सचिव सर्वजीत सिंह, ट्रांसपोर्ट सचिव केके जिंदल और ट्रांसपोर्ट डायरेक्टर अमित तलवार ने बसों की सवारी कर इनकी पूरी जानकारी ली।
विज्ञापन


एडवाइजर ने ट्रांसपोर्ट विभाग को पायलट प्रोजेक्ट के तहत इलेक्ट्रिक बस चलाए जाने पर विचार करने को कहा। उन्होंने कहा कि सीएनजी बस तो पाइप लाइन पहुंचने के बाद ही चलाई जा सकती है।

ढाई से 3 करोड़ है इलेक्ट्रिक बस की कीमत
100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक बस की कीमत ढाई से 3 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस बस की कई खासियत है। लीथियम बैटरी वाली इस बस से शून्य उत्सर्जन होता है। चलाने में कम खर्च, लो फ्लोर, व्हील चेयर के लिए रैंप और बस के अंदर जगह भी काफी है। 9 मीटर और 12 मीटर की लंबाई में उपलब्ध है। यह इलेक्ट्रिक बस महज आधे घंटे में पूरी चार्ज हो जाती है। एक बार चार्ज होने के बाद डेढ़ से दो सौ किलोमीटर तक आराम से निकाल देती है।

सीटीयू की एक डिपो होगी क्लीन फ्यूल वाली
ट्रांसपोर्ट विभाग रायपुर कलां में बनने वाली सीटीयू की नई डिपो को क्लीन फ्यूल वाली डिपो बनाएगा। इस डिपो की सभी 100 बसें इलेक्ट्रिक या सीएनजी से चलने वाली होंगी। इन बसों का स्टाफ और दूसरी सभी चीजें पहली डिपो से अलग होंगी। अभी तक सीटीयू की चार डिपो हैं। जिनमें 300 से अधिक बसें ऑपरेट हो रही हैं।

बजट की दिक्कत, रेटरो फिटिंग पर भी विचार
इन बसों की कीमत कहीं ज्यादा है। भारत सरकार भी पायलट प्रोजेक्ट के लिए ही सब्सिडी देगी। बाकी बसों के लिए प्रशासन को खुद बजट जुटाना होगा। ऐसे में प्रशासन कुछ नई बसों के साथ पुरानी बसों में रेटरो फिटिंग यानी पहली बसों के इंजिन इलेक्ट्रिक करने पर विचार कर रहा है। जिससे कम खर्च में क्लीन फ्यूल की बसें शहर में चल सकें। इसके लिए प्रशासन दूसरे शहरों में रेटरो फिटिंग वाली बसों पर स्टडी भी करेगा।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें