कोरोना काल में नौकरी चले जाने से आम आदमी आर्थिक संकट से तो जूझ ही रहा है। मंदिर के पुजारी भी इससे अछूते नहीं हैं। अनलॉक और मंदिर खुलने के बाद भी मंदिरों में भक्त नहीं पहुंच रहे हैं। इस वजह से चढ़ावा नहीं आ रहा है। हालत यह है कि मंदिर प्रबंधन को खर्चा निकालना और पुजारी को घर चलाना मुश्किल हो गया है।
कई मंदिर प्रबंधकों ने खर्च चलाने के लिए एफडी तक तुड़वाई है। पितृपक्ष जैसे पर्व में भी पुजारी परेशान रहे हैं। पुजारियों का कहना है कि यजमान उन्हें घर बुलाने में डरते रहे। अब मंदिर प्रबंधन और पुजारियों की निगाहें करीब एक माह बाद आने वाले नवरात्र पर हैं। आइए जानते हैं क्या कहते हैं मंदिर प्रबंधक और पुजारी-
खर्च चलाने को दो एफडी तुड़वा डाली
लॉकडाउन से पहले सेक्टर-29 स्थित सिद्ध बाबा बालक नाथ मंदिर की हर महीने की आमदनी आठ से दस लाख रुपये की थी जो अब डेढ़ से दो लाख रुपये की रह गई है। मंदिर के खर्च पहले की तरह ही दो लाख रुपये से अधिक है। अब तक मंदिर प्रबंधन पांच-पांच लाख की दो एफडी तुड़वा चुका है।
- विनोद कुमार चड्ढा, प्रधान, श्री सिद्ध बाबा बालक नाथ मंदिर सेक्टर -29
आमदनी पांच हजार खर्च पचास हजार
लॉकडाउन से पहले मंदिर में औसतन पचपन हजार रुपये से अधिक का चढ़ावा आता था। लेकिन अब पांच से दस हजार के बीच रह गया है। लेकिन खर्च उतनी ही है। हर महीने बिजली, पानी, भोग प्रसाद, साफ सफाई और पुजारियों पर करीब पचास हजार रुपये खर्च हो रहे हैं।
- अरुणेश अग्रवाल, प्रधान, श्री सनातन धर्म मंदिर सेक्टर 11 चंडीगढ़
लोगों के सहयोग से चल रहा काम
करीब 70 हजार रुपये का चढ़ावा आता था। लेकिन अब पंद्रह से बीस हजार रुपये का ही चढ़ावा आता है। खर्च करीब पचास हजार रुपये हैं। खर्च को काफी घटाया है। अपने पहचान के लोगों से और मंदिर कमेटी के लोगों के आर्थिक सहयोग से काम चल रहा है।
- एचएस लक्की, प्रधान प्राचीन शिव मंदिर सेक्टर-8 चंडीगढ़
पुजारियों के लिए बहुत ही कठिन समय
पुजारियों के लिए बड़ा ही कठिन समय है। खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। कोरोना के कारण आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। पहले जैसे पूजा पाठ हवन, कथा कीर्तन और भजन और पूजा का आयोजन नहीं हो रहे हैं।
- डॉ. लाल बहादुर दुबे, कोषाध्यक्ष, देवालय पूजक परिषद चंडीगढ़ और पुजारी श्री राधा कृष्ण मंदिर सेक्टर- 18 चंडीगढ़
बहुत ही संकट का समय है
कोरोना के कारण आर्थिक संकट ने घेर लिया है। खर्चे पहले की तरह हैं और आमदनी बिल्कुल ही खत्म है। किससे मांगे। मंदिर में बहुत ही कम लोग आते हैं। आते भी हैं तो इतने नियम है कि लोग परेशान हो जाते हैं।
- ईश्वर चंद्र शास्त्री, अध्यक्ष देवालय पूजक परिषद चंडीगढ़ और मुख्य पुजारी, खेड़ा शिव मंदिर सेक्टर- 28 चंडीगढ़