प्राइमरी में 47467 बच्चों को मिलेंगे राशन पैकेट
शहर के 114 सरकारी स्कूलों, 6 गवर्नमेंट एडेड स्कूलों और तीन मदरसों के प्राइमरी कक्षा के 47,467 बच्चों को गेहूं और चावल के पैकेट बांटे जाएंगे। प्राइमरी में प्रति बच्चा 100 ग्राम राशन दिया जाएगा। 72 दिनों के लिए 47,467 बच्चों को कुल 3417.62 क्विंटल गेहूं और चावल दिया जाएगा।
अपर प्राइमरी में 40,259 बच्चों को मिलेगा राशन
शहर के 114 सरकारी स्कूलों, 6 गवर्नमेंट एडेड स्कूलों और तीन मदरसों के अपर प्राइमरी के 40,259 बच्चों को 4347.97 क्विंटल गेहूं और चावल दिया जाएगा। अपर प्राइमरी में प्रति बच्चा 150 ग्राम के हिसाब से राशन दिया जाएगा।
शिक्षक बच्चों को पढ़ाएं या मिड डे मील बांटें
सरकारी स्कूल के शिक्षकों को पहले ही ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीको में बच्चों की कक्षाएं लेनी पड़ रही हैं। मिड डे मील में गेहूं- चावल के पैकेट प्रति खुराक के हिसाब से तौल कर बनवाना, रजिस्टर में एंट्री करवाना, बच्चों को स्कूल बुलवाना जैसे काम होंगे। कई शिक्षक की ड्यूटी सिर्फ इन्हीं में लग जाएगी। ऐसे में बच्चों की कक्षाएं कौन लेगा। इसके अलावा लगभग 30-40 प्रतिशत बच्चे मिड डे मील का खाना नहीं खाते हैं। ये बच्चे स्कूल से गेहूं के पैकेट लेने भी नहीं आएंगे। ऐसे में स्कूल के कमरों में अगर गेहूं पड़ा रहता है तो चूहे आदि की समस्या भी पैदा हो जाएगी। - सवर्ण सिंह कम्बोज, प्रधान, यूटी कैडर एजुकेशन एंप्लाइज
हम मिड डे मील की प्रक्रिया पर काम कर रहे हैं, अभी इस पर कुछ नहीं बोल सकते। - सरप्रीत सिंह गिल, शिक्षा सचिव