चंडीगढ़। कोरोना वायरस ने कई नवजात शिशुओं को भी अपनी चपेट में लिया है। एक सर्वे के अनुसार पीजीआई में करीब 1330 नवजात शिशुओं का कोरोना टेस्ट किया गया, जिसमें से 143 संक्रमित पाए गए। इनमें से ज्यादातर बच्चे ऐसे हैं, जो जन्म से 72 घंटे के अंदर संक्रमण की चपेट में आए हैं, इसलिए चंडीगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग (सीसीपीसीआर) नवजात शिशुओं को लेकर एक जागरूकता कार्यक्रम चलाएगी। इसके लिए आयोग ने एक कार्ययोजना भी तैयार की है।
नवजात शिशु में कोरोना के खतरे को देखते हुए सीसीपीसीआर नवजात देखभाल और विकास के एक अहम प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। शहर में कितने नवजात जन्म के तुरंत बाद कोरोना वायरस की चपेट में आए हैं, इसे लेकर भी एक रिपोर्ट तैयार की गई है। सीसीपीसीआर ने पीजीआई के प्रोफेसर डॉ. प्रवीण कुमार के साथ इस मुद्दे पर एक बैठक भी की है। आयोग की चेयरपर्सन हरजिंदर कौर ने कहा कि इस समय दुनिया कोविड के प्रभावों से जूझ रही है, नवजात शिशु पर ध्यान देना अत्यधिक महत्वपूर्ण हो जाता है। उन्होंने कहा कि आयोग ने एक कार्य योजना तैयार की है, जिसके माध्यम से नवजात के लिए वह समग्र विकास सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे।
नवजात शिशुओं को लेकर क्षेत्रीय स्तर पर चर्चा करने का प्रस्ताव
सीसीपीसीआर की सलाहकार नीति मोहन ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पीजीआई के साथ मिलकर नवजात शिशुओं को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाएंगे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पीजीआई में ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वह जमीनी स्तर पर ट्रेनिंग के अनुसार कार्य कर सकें। आयोग ने नवजात शिशुओं को लेकर राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के साथ क्षेत्रीय स्तर पर भी चर्चा करने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा स्तनपान आदि नवजात शिशुओं से जुड़े बोर्ड आंगनबाड़ी में लगाए जाएंगे। जन जागरूकता के लिए ब्रॉशर बनाए जाएंगे। इसके अलावा आयोग विशेष शिशु किट (आईसीयू) और शिशु किट को मजबूत करने के लिए पीजीआई के साथ भी काम करेगा।