सुखना में जलस्तर कम होने का असर पर्यटन पर भी पड़ेगा। चंडीगढ़ आने वाला हर पर्यटक सुखना लेक की खूबसूरती देखने जरूर पहुंचता है। यहां लोग बोटिंग का जमकर लुत्फ उठाते हैं लेकिन पानी का स्तर कम होने से अब बोटिंग पर भी इसका प्रभाव दिखने लगा है। कुछ दिन पहले ही सुखना में बोटिंग के लिए उतारी गई क्रूज बोट पानी कम होने से फंसने लगी है। खासकर उन जगहों पर जहां सिल्ट होने से पानी की गहराई कम है। बोट फंसने पर दूसरी छोटी बोट की सहायता से लोगों को कम कर इसे निकाला गया। इसके बाद अब क्रूज बोट का चक्कर छोटा कर दिया गया है।
छोटी बोट सुखना के दूसरे छोर तक चली जाती हैं। पर्यटक अपनी मर्जी से सुखना में बोट को दूर तक ले जाकर बोटिंग का मजा लेते हैं। लेकिन इस बोट को अब केवल आईलैंड के पास के एरिया में ही घुमाया जाता है। कई पर्यटक बोट को दूसरी बोट तक ले जाने की कहते भी हैं लेकिन उन्हें बोट फंसने की बात कहकर मना किया जा रहा है। बोटिंग काउंटर पर तैनात कर्मचारी ने बताया कि क्रूज में एक साथ 22 लोग बैठ सकते हैं जबकि दूसरी बोट में 2 से 4 लोग ही बैठते हैं। ऐसे में वजन बढ़ने से क्रूज का निचला हिस्सा कई जगह जमीन से टकरा कर मिट्टी में फंसने लगा था। इस कारण इसका चक्कर छोटा किया गया है। हालांकि समय कम नहीं किया गया है। क्रूज का प्रति व्यक्ति किराया 300 रुपये लिया जाता है। इसे किट्टी पार्टी और बर्थ डे पार्टी के लिए भी बुक किया जा सकता है।
कई राज्यों से पर्यटक पहुंचते हैं सुखना
पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और जेएंडके सहित अन्य जगहों से हजारों पर्यटक रोजाना सुखना लेक पहुंचते हैं। सुखना लेक ही शहर का मुख्य पर्यटन स्थल है। इसकी खूबसूरती को देख लोग जमकर सेल्फी और फोटो लेते हैं। बोटिंग से रोजाना 1 लाख रुपये से अधिक की आय होती है।