वर्णिका कुंडू छेड़छाड़ प्रकरण में आरोपी हरियाणा बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के बेटे विकास बराला को सोमवार भी अदालत से राहत नहीं मिल पाई। एडीजे रजनीश कुमार शर्मा ने सुबह दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपराध को गंभीर प्रवृति का मानते हुए आरोपी को जमानत देने से इंकार कर दिया। अदालत ने कहा कि केस में ऐसा कोई आधार नहीं मिलता जिसके आधार पर आरोपी को नियमित जमानत दी जा सके। विकास की जमानत याचिका चौथी बार अदालत से खारिज हुई है। इससे पहले दो बार एसीजेएम कोर्ट और एक बार सेशन कोर्ट से ही विकास की जमानत याचिका खारिज हो चुकी है।
इससे पहले विकास बराला की ओर से दायर याचिका में इस बार दलील दी गई है कि थाना पुलिस केस में जांच पूरी कर चुकी है और चार्जशीट दायर कर चुकी है। वहीं केस का ट्रायल जल्द शुरू होने वाला है। विकास के खिलाफ शुरू से ही केस का मीडिया ट्रायल चलाया जा रहा है। इसी कारण उसे अब तक जमानत नहीं मिल पाई है। वह लंबे समय से पुलिस हिरासत में हैं। अब पुलिस को विकास से किसी तरह की पूछताछ भी नहीं करनी है। इस आधार पर विकास को जमानत का लाभ दिया जाए।
अदालत ने याचिका पर सेक्टर-26 थाना पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा था। सोमवार को थाना पुलिस ने जवाब दाखिल किया और आरोपी को जमानत देने का विरोध किया। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस और दलीलें सुनने के बाद जमानत याचिका खारिज कर दी।
अब 22 नवंबर को एसीजेएम कोर्ट में शिकायतकर्ता वीएस कुंडू और वर्णिका कुंडू के अलावा जांच अधिकारी के बयान दर्ज किए जाएंगे। इससे पहले 13 सितंबर को ही एसीजेएम कोर्ट ने विकास और आशीष कुमार के खिलाफ 341, 354डी, 365 आर/डब्ल्यू 511, 34 आईपीसी और 185 एमवी एक्ट के तहत आरोप तय किए थे।