हरियाणा में तीन वर्ष पूरे होने की दहलीज पर खड़ी सूबे की भाजपा सरकार को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला के पुत्र प्रकरण ने असहज कर दिया है। सुभाष बराला के बेटे की करतूत ने सत्ता और संगठन को अंदर तक झकझोर दिया है। पार्टी बाहरी तौर पर भले ही बराला के साथ खड़ी हुई है, लेकिन पार्टी के अंदर इस मसले पर द्वंद अभी थमा नहीं है। मंत्री समूह की अनौपचारिक बैठक में भी यह मुद्दा छाया रहा।
हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस की बेटी से चंडीगढ़ में सुभाष बराला के बेटे विकास द्वारा छेड़छाड़ के मामले में देश भर से आ रही प्रतिक्रियाओं के बाद भाजपा की बेचैनी बढ़ गई है। लिहाजा तय रणनीति के तहत इस प्रकरण के तीन दिन बाद प्रदेश पार्टी अध्यक्ष सुभाष बराला को गुपचुप तरीके से मीडिया के सामने लाया गया है। बराला ने कहा है कि आईएएस की बेटी उनकी बेटी की तरह है। उन्होंने पूरे मामले में कानून का आज्ञाकारी होने की बात दोहराई है। प्रदेश सरकार में मंत्री रामबिलास शर्मा और कृष्ण बेदी ने भी बराला की ढाल बन कर लीपापोती करते हुए कानून की दुहाई दी है। दोनों मंत्रियों ने इस प्रकरण में प्रशासनिक और राजनीतिक दखल से इनकार किया है।
उधर, मीडिया में आए बराला के बयान के बाद विपक्ष और ज्यादा आक्रामक हो गया है। महिला कांग्रेस ने इस पूरे मामले में सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष शोभा ओझा ने कहा कि यह सरकार बेटी बचाओ नहीं बल्कि गुंडा बचाओ सरकार है। जबकि इनेलो की महिला विंग ने कहा कि सरकार अपने चेहरे से बेटी बचाने का मुखौटा उतार दे।
हरियाणा में एक हजार दिन पूरे होने पर पारदर्शिता और भ्रष्टाचार मुक्त होने के दावा करने वाली भाजपा सरकार के खिलाफ विपक्ष को बड़ा मुद्दा मिल गया है। कांग्रेस और इनेलो दोनों ही इस मामले में खुल कर सामने आ गए हैं। मंगलवार को हुई मंत्री समूह की अनौपचारिक बैठक में भी यह मुद्दा छाया रहा, लेकिन बैठक के बाहर आकर डैमेज कंट्रोल की रणनीति के तहत मंत्रियों ने नपे-तुले बयान दिए हैं।
डैमेज कंट्रोल में जुटी सरकार:
- फोटो : File Photo
डैमेज कंट्रोल में जुटी सरकार:
हमारी पूरी टीम ने बैठ कर मंत्रणा की है। इस मामले में कोई राजनीतिक या प्रशासनिक हस्तक्षेप नहीं है। कानून अपना काम कर रहा है। किसी को चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। जो कानूनी कार्रवाई चंडीगढ़ पुलिस कर रही है, उसमें कोई दखल नहीं है।
कृष्ण कुमार बेदी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री
शिक्षा मंत्री की लीपापोती:
दोनाें बच्चे हमारे अपने हैं। उनके पिता हमारी सरकार में आईएएस हैं, उनकी बेटी हमारी बेटी है। सुभाष बराला का बच्चा भी हमारे बच्चे की तरह है।
रामबिलास शर्मा, शिक्षा मंत्री
महिला कांग्रेस ने संगठन, सरकार को घेरा:
बराला प्रकरण में अखिल भारतीय महिला कांग्रेस ने भी सरकार और संगठन को घेरा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष शोभा ओझा ने मंगलवार को चंडीगढ़ पहुंचकर पीड़िता और उसके पिता से मुलाकात की और उन्हे आश्वस्त किया कि वे बेटी के लिए न्याय की लड़ाई में पूरी तरह उनके साथ है। उसके बाद महिला कांग्रेस ने चंडीगढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़ा किया और इस मसले पर हरियाणा राज्यपाल व चंडीगढ़ प्रशासक एवं पंजाब के राज्यपाल को भी ज्ञापन सौंपकर उनसे साहसी बेटी को न्याय दिलवाने की मांग की।