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Report: पड़ताल में चौंकाने वाला खुलासा, वाकई चंडीगढ़ में सेफ नहीं लड़कियां

Wed, 09 Aug 2017 12:35 PM IST
विशाल पाठक/अमर उजाला, चंडीगढ़
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चंडीगढ़ में सेफ नहीं लड़कियां
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चंडीगढ़ में वर्णिका कुंडू से छेड़छाड़ की वारदात के बाद शहर भर की जांच पड़ताल की गई तो खुलासा हुआ कि वाकई चंडीगढ़ में लड़कियां सेफ नहीं है। अमर उजाला की पड़ताल में पता चला कि शहर में सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरे नाइट विजन नहीं हैं यानी कि इनमें रात में तस्वीरें कैच करने की क्षमता ही नहीं है। ऐसे में सवाल यह है कि यदि रात में छेड़छाड़ या कोई वारदात करके भागते आरोपियों को पुलिस इन कैमरों की मदद से कैसे पकड़ेगी।
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इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के मुताबिक शहर के मुख्य मार्गों पर लगाए गए 100 सीसीटीवी कैमरों में से एक भी नाइट विजन कैमरा नहीं है। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे अंधेरे में गाड़ियों का नंबर पढ़ने तक में सक्षम नहीं हैं। हरियाणा के सीनियर आईएएस की बेटी से छेड़छाड़ मामले में चंडीगढ़ पुलिस द्वारा सीसीटीवी कैमरों को लेकर दिए गए बयानों ने प्रशासन व पुलिस की व्यवस्था  पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। चंडीगढ़ पुलिस का कहना है कि  जिस रास्ते से युवती गुजरी, उस रास्ते के अधिकतर कैमरे खराब पड़े हैं।

जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयान कर रही है। वारदात पर नजर रखने के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने शहर के मुख्य मार्गों पर कुल 100 सीसीटीवी कैमरे लगा रखे हैं। ताकि किसी भी वारदात व उसके आरोपी का पता लगाया जा सके। यूटी इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट द्वारा चंडीगढ़ पुलिस को सौंपी गई रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि शहर में लगे 100 सीसीटीवी कैमरों में से 41 सीसीटीवी कैमरे पिछले तीन महीनों से खराब पड़े हैं, जिनमें कोई फुटेज रिकार्ड नहीं हो रही है।
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100 में से 41 सीसीटीवी कैमरे पड़े हैं बंद

cctv
चंडीगढ़ पुलिस ने वर्ष 2009 में शहर  की मुख्य सड़कों पर करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से 100 सीसीटीवी कैमरे लगाए थे। इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की रिपोर्ट के मुताबिक लगाए गए इन सीसीटीवी कैमरों की समय सीमा करीब 9 से 10 साल तक की है। इनमें से अधिकतर सीसीटीवी कैमरे आउटडेटेड हो चुके हैं। इनकी समय-सीमा खतम हो चुकी है। कई सीसीटीवी कैमरों की जगह नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने चाहिए।

पांच बार रिमाइंडर भेजा, तीन महीने से नहीं हुए ठीक
चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि तीन महीने में पांच बार  रिमाइंडर भेजे जाने के बावजूद इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने सीसीटीवी कैमरे ठीक नहीं कराए। वर्ष 2009 में मुंबई की प्राइवेट कंपनी शनाइडर को दिया था, जिसने 5 करोड़ रुपये में 100 सीसीटीवी कैमरे लगाए थे। हर साल इस कंपनी को 19 लाख रुपये इन सीसीटीवी कैमरों के मेंटेनेंस के लिए दिए जाते हैं।

खराब पड़े सीसीटीवी कैमरों को ठीक करने के लिए कंपनी को बोल दिया गया है, इसमें से 10 सीसीटीवी कैमरे मंगलवार को ठीक करा दिए गए हैं, बाकी भी जल्द ही ठीक  करा दिए जाएंगे।
- रंजीत सिंह, सुपरिटेंडेंट इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल)

पुलिस की ओर से इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट को कई बार रिमाइंडर भेजा जा चुका है, सीसीटीवी कैमरे अगर खराब पड़े है, इन्हें ठीक कराने की जिम्मेदारी इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की है।
- शशांक आनंद, एसएसपी ट्रैफिक एंड सिक्योरिटी, चंडीगढ़ पुलिस
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