एसएसपी सुखचैन सिंह गिल ने सोमवार छोड़ा चार्ज
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चंडीगढ़ में बतौर एसएसपी तीन साल बिताने के बाद अपने मूल कैडर में लौट रहे डाक्टर सुखचैन सिंह गिल ने कहा कि जनता और स्टाफ का प्यार और विश्वास ही उनके लिए किसी मेडल से कम नहीं है। जाने के बाद भी लोग सम्मान के साथ याद करे यही मेडल है। एसएसपी सोमवार को कार्यकाल पूरा होने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कहा। सुखचैन सिंह गिल का शहर में कार्यकाल बिना किसी विवाद के शांति पूर्वक रविवार को खत्म हुआ।
एसएसपी ने कहा कि इस दौरान स्टाफ व मीडिया ने भी उन्हे पूरा सहयोग दिया। एसएसपी ने कहा कि जब उन्होंने 2013 दिसंबर में शहर में आए थे तो उस समय पलसौरा में पांच साल की बच्ची पिंकी मर्डर केस काफी सुर्खियों में था। उस केस को उसी महीने में सुलझाया गया था। इसी तरह सेक्टर 17 बस स्टैंड पर व्यापारी से हुई एक करोड़ रुपये की लूट का केस भी सुलझाया गया था।
हालांकि एसएसपी ने उनके कार्यकाल में सेक्टर 27 में नेशनल शूटर सिप्पी का मर्डर हुआ जो कि आज तक नहीं सुलझा है। वही एक मर्डर केस था जो कि उनके कार्यकाल में नहीं सुलझा। जिसके बाद भी सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया था। इसी तरह सेक्टर 22 में स्थित करन ज्वैलर पर हुई दस लाख रुपये की लूट का मामला भी नहीं उलझ पाया। जबकि पुलिस के पास आरोपी युवक की तस्वीर भी है। एसएसपी से पहले पूर्व आईजी आर पी उपाध्याय भी जाने से पहले इन दो केसों के साल्व ना हो पाने पर अफसोस जाहिर कर चुके है।