सूखा-गीला कचरा अलग-अलग लेने में चंडीगढ़ देश में दूसरे स्थान पर है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जारी रैंकिंग में बताया गया है कि चंडीगढ़ 26 में से 24 वार्डों में अलग-अलग कचरा ले रहा है। साथ ही 479 मीट्रिक टन में से 455 मीट्रिक टन प्रतिदिन कचरा भी निस्तारित कर रहा है। चंडीगढ़ को स्वच्छ भारत मिशन के तहत 95 प्रतिशत अंक मिले हैं। मंगलवार को जारी रैंकिंग चंडीगढ़ के लिए राहत की खबर लेकर आई है।
निगम ने घर-घर से अलग-अलग कचरा लेने के लिए अभी गाड़ियां भी नहीं खरीदी हैं और कचरा सेग्रीगेशन में देश में दूसरा स्थान मिला है। चंडीगढ़ के साथ अंडमान निकोबार भी दूसरे स्थान पर है। वहीं दादर एंड नागर हवेली शत-प्रतिशत कचरा निस्तारण करने के साथ पहले स्थान पर काबिज है। ऐसे में कोरोना काल में निगम के लिए यह खुश खबरी है।
एनजीटी की ओर से लगातार मिल रही फटकार
स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर को देश में भले ही दूसरा स्थान मिला हो, लेकिन नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की ओर से निगम को लगातार फटकार मिल रही है। फरवरी माह में एनजीटी ने कहा था कि निगम ने जल्द से जल्द सेग्रीगेट कचरा लेने के साथ उसका निस्तारण करना शुरू नहीं किया तो एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। हालांकि की कोरोना ने निगम को बचा लिया। अब निगम ने कचरा निस्तारण नहीं किया तो जुर्माना लगना तय है।