चंडीगढ़ नगर निगम का वित्त बढ़ाने वाली कमेटी ने मंगलवार को पार्कों में टिकट लगाने का प्रस्ताव खारिज कर दिया। कमेटी के सदस्यों ने कहा कि जब यह एजेंडा सदन ने खारिज कर दिया तो फिर इस पर चर्चा करने का कोई मतलब नहीं। कमेटी ने निगम में शामिल 13 गांव से कचरा लेने के एवज में शुल्क लगाने का सुझाव दिया।
जानकारी के अनुसार निगम का वित्त बढ़ाने के लिए मेयर राजबाला मलिक ने 7 सदस्यीय कमेटी बनाई थी जो निगम को वित्त बढ़ाने के लिए सुझाव देगी। कमेटी के सदस्यों ने कहा कि लाल डोरे से बाहर बसे घरों को पानी का कनेक्शन दिया जाए क्योंकि वे बिना शुल्क के ही पानी का भी उपयोग कर रहे हैं।
वहीं पानी के बिलों के विवादों को समाप्त कर वन टाइम सेटलमेंट का विकल्प देना चाहिए। एक बार में भुगतान करने वालों को 10 प्रतिशत, दो बार में भुगतान करने पर 7 प्रतिशत व तीन बार में बिल का भुगतान करने पर 5 प्रतिशत तक की छूट देनी चाहिए। साथ ही इसके लिए जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए।
पार्कों व ग्रीन बेल्ट में बने शौचालयों पर विज्ञापन देने का प्रस्ताव दिया गया। सामुदायिक केंद्रों के कमरों को किराए पर देने के साथ ही पीपीपी मोड पर सामुदायिक केंद्र में जिम के संचालन व प्रदर्शनी के आयोजनों के लिए भवन के अंदर और बाहर का खुला हिस्सा किराए पर देने का सुझाव दिया गया। गुलदाउदी शो व रोज फेस्टिवल के खर्चों को कम करने पर विचार करने को कहा गया।
कमेटी ने कहा कि सभी सुझावों को सदन की बैठक में लाकर चर्चा की जाएगी। बैठक में मेयर राजबाला मलिक, पार्षद राजेश कुमार, अनिल कुमार दुबे, महेश इंदर सिंह सिद्धू, सतीश कुमार कैंथ, मनोनीत पार्षद अजय दत्ता, एडिशनल कमिश्नर अनिल कुमार गर्ग, एसई संजय अरोड़ा, कृष्णपाल सिंह आदि मौजूद रहे।