फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिल्पी पात्रा के खिलाफ 1000 पेज की चार्जशीट दाखिल, 30 गवाह

Thu, 05 Oct 2017 09:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
SDM East and Joint Commissioner of Municipal Corporation Shilpi Patar - फोटो : File Photo
विज्ञापन
एचसीएस और एसडीएस ईस्ट रही शिल्पी पात्रा, उनके पति धीरज दत्त और बिचौलिए जीएस बराड़ के खिलाफ सीबीआई ने विशेष कोर्ट में बुधवार को चार्जशीट दायर कर दी। जांच एजेंसी ने शिल्पी पात्रा के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 7, 13 (1) (डी), 13 (2) और आईपीसी की धारा 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत आरोपी बनाया है। वहीं शिल्पी के पति धीरज दत्त और बिचौलिए जीएस बराड़ के खिलाफ केवल आपराधिक साजिश (120बी) की धारा के तहत चार्जशीट फाइल की है।
विज्ञापन


चार्जशीट दाखिल करने की तय समय अवधि 60 दिन से एक दिन पहले ही सीबीआई ने इसे दाखिल कर दिया। करीब एक हजार पेज की चार्जशीट में सीबीआई ने तीनों के खिलाफ करीब 30 गवाह बनाए हैं। वहीं बतौर सबूत शिल्पी के घर से उनके और पिता के नाम पर ट्राइसिटी में उनकी प्रापर्टी संबंधित दस्तावेजों को भी चार्जशीट का हिस्सा बनाया गया है। इसके अलावा उसके घर से अलग-अलग पैकेट में मिले दो लाख रुपये को भी बतौर परिस्थितिजन्य साक्ष्य बनाया गया है।

केस की अगली सुनवाई छह अक्तूबर को होगी। उस दिन बचाव पक्ष को स्क्रूटनी के बाद चार्जशीट की कॉपी सप्लाई की जाएगी। आरोप तय करने को लेकर बहस के बाद तीनों के खिलाफ आरोप तय हो सकेंगे। इसके बाद केस का ट्रायल शुरू होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

यह है मामला

sdm shilpi pattar - फोटो : File Photo
बचाव पक्ष ने दायर की जमानत याचिका, बाद में ली वापस
शाम को 4 बजे के बाद बचाव पक्ष की ओर से उनके वकील तरमिंदर सिंह सीआरपीसी की धारा 167 (2) के तहत शिल्पी की जमानत याचिका के लिए अपील दायर करने पहुंचे। बचाव पक्ष की ओर से इस याचिका का आधार बनाया गया कि सीबीआई ने 60 दिन पूरे होने पर चार्जशीट दाखिल नहीं की है। इस आधार पर उन्होंने शिल्पी पात्रा की जमानत याचिका दायर की। हालांकि सीबीआई कोर्ट की ओर से उन्हें जानकारी दी गई कि जांच एजेंसी ने बुधवार को ही शाम चार बजे से पहले मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस पर बचाव पक्ष ने याचिका वापस ले ली।

पिछले बुधवार को ही खारिज हुई थी जमानत याचिका
सीबीआई कोर्ट ने एचसीएस शिल्पी पात्रा की जमानत याचिका पिछले बुधवार को ही खारिज की थी। सीबीआई के सरकारी वकील ने शिल्पी की जमानत का विरोध करते हुए दलील दी थी कि, केस की जांच अभी चल रही है। ऐसे में अगर उन्हें जमानत का फायदा दिया गया तो वह बाहर आकर केस की जांच प्रभावित कर सकती हैं।

यह है मामला
नगर निगम की ज्वाइंट कमिश्नर व चीफ फायर अफसर शिल्पी पात्रा शिकायतकर्ता तरसेम का शोरूम खोलने के एवज में पांच लाख रुपये की मांग कर रही थी। तरसेम का सेक्टर-26 स्थित एसीओ नंबर 189 में एक डिपार्टमेंटल शोरूम है, जिसे शिल्पी के आदेश के बाद सील कर दिया गया था। तरसेम के दोस्त जीएम बराड़ ने शिल्पी से बात करने में मध्यस्थता निभाई और सौदा तय किया था। पांच अगस्त की शाम 7:30 बजे जैसे ही शिकायतकर्ता ने शिल्पी के घर पर उनके पति को रिश्वत के 50 हजार रुपये दिए वैसे ही सीबीआई टीम वहां पहुंच गई। इसके बाद सीबीआई ने रिश्वत लेते एसडीएम ईस्ट व नगर निगम की ज्वाइंट कमिश्नर शिल्पी पात्रा उनके पति धीरज दत्त और बिचौलिए जीएस बराड़ को गिरफ्तार किया था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें