चंडीगढ़ के लोगों को इस साल न तो डेंगू का डंग और न ही अन्य सीजनल बीमारी परेशान करेगी, क्योंकि स्कूल स्टूडेंट्स सहयोग करेंगे। दरअसल अब स्कूली विद्यार्थियों की ओर से लोगों को सीजनल बीमारियों के प्रति जागरूक किया जाएगा। इस अभियान से लोगों को इन बीमारी के लक्षण और कारण बताए जाएंगे, ताकि यह बीमारी जड़ से खत्म की जा सके। जी हां, इस साल चंडीगढ़ हेल्थ डिपार्टमेंट की ओर से डेंगू की बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए एक स्पेशल प्लानिंग तैयार की जा रही है।
जिसके तहत एक ह्यूमन चैन को तैयार की जाएगी। यह चैन अपने स्तर पर लोगों को डेंगू एवं अन्य सीजनल बीमारी के प्रति जागरूक करेगी, ताकि किसी गली, कालोनी या घर में इसका पनपना ही संभव न हो सके। बीमारी के बचाव को लेकर इस खास प्लानिंग के बारे में चंडीगढ़ हेल्थ विभाग के डायरेक्टर डॉ. जी दिवान ने खास बातचीत में बताई।
आंगनबाड़ी वर्कर्स को भी करेंगे शामिल
हेल्थ विभाग की ओर से आंगनबाड़ी वर्कर्स से लेकर स्कूल टीचर्स की एक टीम बनाई जाएगी, जो हर स्तर पर डेंगू एवं सीजनल बीमारी को जड़ से खत्म करने में विभाग का सहयोग करेंगे। उन्होंने बताया कि 2017 में डेंगू की चपेट में भले लोग आ गए हो। लेकिन इस प्लानिंग से साल के शुरूआती महीनों में इसे खत्म करने की कोशिश की जाएगी। यहीं नहीं, पहले से बनी डेंगू अवेयरनेस टीम के बीच तालमेल भी सुधारा जाएगा।
गंभीरता से निरीक्षण और सुधार किया जाएगा
डा. दिवान ने बताया कि 2017 में डेंगू के मरीज शहर की बजाए आसपास के इलाके से अधिक आए थे। लेकिन इस साल शहर के हर प्वाइंट पर पहले से ही खास ध्यान रखा जाएगा, जहां से डेंगू होने की संभावना अधिक है। उनका पहले निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद सुधारा जाएगा। वहीं, स्कूल, कालेज एवं अन्य जगह लोगों को अवेयर करने के लिए सेमिनार एवं अवेयरनेस कैंप का आयोजन किया जाएगा, ताकि लोगों को भी जागरूक किया जाएगा।
सिटी की प्राइमरी हेल्थ सुविधा को ओर किया जाएगा विकसित
डा. दिवान ने कहा कि पीजीआई में मरीजों की संख्या को कम करने एवं लोगों को शहर की डिस्पेंसरी एवं अस्पताल में ही प्राइमरी हेल्थ बेहतर देने की योजना है। जिसके लिए डॉक्टर से लेकर पैरा मेडिकल स्टाफ की कमी को दूर किया जाएगा। ताकि शहर के लोगों को प्राइमरी हेल्थ यहां से ही उपलब्ध हो उन्हें पीजीआई की ओर रुख न करना पड़े।