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स्कूल बंद मामलाः गर्दन सबकी फंसी, बचाना भी मुश्किल हो रहा

Sun, 13 Sep 2015 09:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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मोदी की रैली के दौरान 180 स्कूलों को बंद करना मुसीबत बन गया है। एक तरफ पीएम नाराज हैं, दूसरी ओर जवाब देने में अफसरों के पसीने छूट रहे। मामला यूटी प्रशासन के गले की फांस बन गया है। इअ मोदी द्वारा नाराजगी जाहिर करने और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के ट्वीट के बाद अधिकारी अपनी जान बचाने का रास्ता तलाश रहे हैं।
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अधिकारियों को समझ नहीं आ रहा कि पीएमओ को जवाब में क्या लिखें। शनिवार दिन भर यूटी प्रशासन के अधिकारियों की भागदौड़ होती रही। कभी अधिकारी यूटी सचिवालय में मीटिंग करते तो कभी राजभवन में राज्यपाल के सामने पेश होते। लेकिन शाम तक प्रशासन मामले की रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को नहीं भेज पाया।

छुट्टी वाले दिन भी जुटे रहे जवाब तलाशने में

स्कूलों की छुट्टी करने और सेक्टर-25 रैली ग्राउंड के साथ बने श्मशान घाट को बंद करने के मामले में अधिकारी बुरी तरह फंसे हुए हैं।

आम दिनों में शनिवार को यूटी सचिवालय में छुट्टी रहती हैं। लेकिन सुबह 9 बजे ही एडवाइजर विजय कुमार देव, शिक्षा सचिव सर्वजीत सिंह, गृहसचिव अनुराग अग्रवाल, एसएसपी डा.सुखचैन सिंह गिल, आईजी आरपी उपाध्याय सहित सभी वरिष्ठ अधिकारियों की मीटिंग यूटी सचिवालय में शुरू हुई।

सूत्रों के अनुसार पहले दौर की मीटिंग करीब 11.30 बजे तक चली। इसके बाद अधिकारियों को राजभवन में बुलाया गया। दोपहर बाद 3 बजे फिर से यूटी सचिवालय में एडवाइजर और अन्य अधिकारी गृह मंत्रालय की ओर से मामले में रिपोर्ट तैयार करने में जुटे रहे। देर शाम करीब 6.30 बजे फिर से यूटी प्रशासन के सभी अधिकारियों की राजभवन में क्लास लगी।
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प्रो.सोलंकी ही संभालेंगे डैमेज कंट्रोल

मोदी द्वारा रैली से लोगों को हुई असुविधा पर माफी मांगने और यूटी प्रशासन को मामले में नोटिस जारी करने पर मामला काफी उलझ गया है। सूत्रों के अनुसार पूरे मामले को सुलझाने में यूटी के प्रशासक तथा पंजाब और हरियाणा के राज्यपाल प्रो.कप्तान सिंह सोलंकी मुख्य भूमिका निभाएंगे। सूत्रों के अनुसार पूरे मामले की रिपोर्ट एडवाइजर ने गवर्नर को सौंप दी है। सोलंकी अब नई दिल्ली में मामले की मध्यस्थता कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार प्रशासक अगले हफ्ते दिल्ली का दौरा कर मामले में प्रशासन का स्टैंड क्लीयर कर सकते हैं।  

अफसरों की चुप्पी, एसएमएस को लगा ताला
मोदी रैली विवाद के बाद यूटी प्रशासन के अधिकारियों की जुबान पर मानो ताले लग गए हैं। फोन और व्हाट्स एप से लगातार संपर्क में रहने वाले अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। पहले चंद सेकेंड में जवाब देने वाले अधिकारी अब एसएमएस का जवाब नहीं दे रहे।   

डीपीआर का कहना मैं बिजी हूं...
यूटी प्रशासन की बात मीडिया तक पहुंचाने के लिए पब्लिक रिलेशन डिपार्टमेंट है। डायरेक्टर पब्लिक रिलेशन नवजोत कौर के अलावा 10 के करीब अन्य कर्मचारी हैं। लेकिन मोदी प्रकरण के बाद तो डीपीआर भी बात करने को तैयार नहीं हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का कोई पक्ष नहीं रखा जा रहा। शनिवार को संपर्क करने पर डीपीआर ने मैसेज किया कि वह बिजी हैं और बाद में संपर्क करेंगी। लेकिन बार-बार संपर्क करने पर भी उन्होंने फोन नहीं उठाया। प्रशासन के अन्य अधिकारी भी बार-बार फोन या एसएमएस करने पर कोई जवाब नहीं दे रहे।  

प्रशासन के अधिकारी मामले में कोई भी जवाब हमें नहीं दे रहे। मैं इस मामले में कुछ नहीं कह सकती। आप खुद ही अधिकारियों से सीधी बात कर लिजिए।
-स्वाति, एपीआरओ, यूटी प्रशासन
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