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क्लैट में चंडीगढ़ के सौरभ गुप्ता सेकेंड टॉपर, बड़े काम आएगा इनका सक्सेस मंत्रा

Wed, 31 May 2017 05:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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क्लैट में चंडीगढ़ के सौरभ गुप्ता सेकेंड टॉपर
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कॉमन ला एडमिशन टेस्ट (क्लैट) में भी चंडीगढ़ के सौरभ गुप्ता देश भर में सेकेंड टॉपर रहे। इनकी सफलता का राज काफी अनोखा है, आपके काम आएगा। सीबीएसई बारहवीं में कामर्स स्ट्रीम में देश में दूसरे नंबर पर रहे सौरभ गुप्ता ने क्लैट में ओवरआल 30 वीं रैंक हासिल की।
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ट्राइसिटी में वे पहले स्थान पर रहे। मोहाली की रहने वाली पल्लवी खत्री 39 वें स्थान पर रही है। वह ट्राइसिटी में दूसरे स्थान पर रही हैं। तीसरे स्थान पर आचमन शेखर है, जिनकी ओवरऑल रैंकिंग 63 है। चौथे स्थान पर आए शौर्य की ओवरऑल रैंकिंग 108 वीं और ट्राइसिटी में चौथी है।

पापा के मोटिवेशन से आए अच्छे मार्क्स
ट्राइसिटी में दूसरे नंबर पर रहीं पल्लवी खत्री ने बताया कि वह दो साल से क्लैट की तैयारी कर रही थीं। इसके लिए बारहवीं में आर्ट्स स्ट्रीम चुनीं। बारहवीं में पल्लवी को 94 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।
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पल्लवी ने बताया कि क्लैट का रास्ता चुनने के लिए उनके पापा संदीप कुमार खत्री ने सबसे ज्यादा मदद की। उन्हीं के कहने पर आर्ट्स चुनी, ताकि क्लैट पर फोकस दिया जा सके। पल्लवी भी माडल यूनाइटेशन नेशन के तहत वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेती रहीं है।
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समाज के लिए कुछ करना चाहता हूं, इसलिए क्लैट को चुना

exam centre - फोटो : demo
ट्राइसिटी टॉपर सौरभ गुप्ता ने बताया कि वह समाज के लिए कुछ करना चाहते हैं। खासकर उन लोगों के लिए जो वंचित है, जिन्हें न्याय की आस है। सौरभ को बचपन से ही वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुका है। वह माडल यूनाइटेड नेशन के तहत आस्ट्रेलिया व पाकिस्तान में कई पुरस्कार जीत चुका है। फुटबाल के शौकीन सौरभ के बारे में भवन विद्यालय की प्रिंसिपल विनीता अरोड़ा ने कहा कि उसका व्यवहार बहुत ही सौम्य है।

सौरभ ने बताया कि बारहवीं के साथ-साथ वे क्लैट एग्जाम की भी तैयारी कर रहे थे। रोजाना एक से दो घंटा वे क्लैट को देते थे। सौरभ ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता सेक्टर 32 स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कालेज एंड हास्पिटल (जीएमसीए) के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट व जाने माने आरथोपीडिक्स सर्जन डा. रवि गुप्ता व माइक्रोबायोलाजी डिपार्टमेंट की प्रोफेसर वर्षा गुप्ता व छोटे भाई रिषभ गुप्ता को दिया है।

सौरभ के मुताबिक उनके भाई रिषभ ने उनकी पढ़ाई में काफी सहयोग दिया है। जब एग्जाम करीब आ गए थे तब उनके भाई ने सौरभ के लिए टीवी देखना तक बंद कर दिया था। सौरभ की सफलता पर डा. रवि गुप्ता ने कहा कि उन्हें बेटे पर नाज है। उन्हें उम्मीद थी कि सौरभ बारहवीं में टॉप करने के बाद क्लैट का भी टॉपर बनेगा।

 
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