चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया में संचालित होने वाली औद्योगिक इकाइयों में 25-30 हजार कर्मचारी कार्य करते हैं। वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए औद्योगिक इकाइयों में अवकाश कर दिया गया है। कर्मचारियों के नहीं होने के कारण उत्पादन पूरी तरह से ठप हो गया है।
जरूरी औद्योगिक इकाइयों में ही हो रहा उत्पादन
इंडस्ट्रियल एरिया में सिर्फ वही औद्योगिक इकाइयां खुली हैं, जिनमें जरूरी वस्तुओं का उत्पादन हो रहा है। इनमें कुछ फ्लोर मिल और कुछ चिकित्सकीय सामान बनाने वाली औद्योगिक इकाइयां शामिल हैं। इनमें कार्य करने वाले लोगों में वायरस का संक्रमण न फैले इसके लिए आधा कर्मचारियों से ही कार्य कराया जा रहा है।
चंडीगढ़ के दोनों इंडस्ट्रियल एरिया में लगभग 1900 प्लॉट पर छोटी-बड़ी 2000 औद्योगिक इकाइयां चल रही हैं। यहां हर सप्ताह 100 करोड़ रुपये का उत्पादन किया जाता है। 21 दिन के कर्फ्यू के कारण इकाइयां बंद होने से करीब 300 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। साथ ही इस नुकसान से उबरने के लिए उद्योगपतियों को तीन माह से अधिक का समय लग जाएगा। -नवीन मंगलानी, अध्यक्ष, चेंबर ऑफ चंडीगढ़ इंडस्ट्री