विशेषज्ञों के मुताबिक लॉकडाउन से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद हो चुकी। होटलों के बंद होने से तंदूर से निकलने वाला धुआं भी नहीं है। इसके साथ निर्माण कार्य और कृषि से संबंधित गतिविधियां भी काफी कम हैं। इन सभी गतिविधियों से ही प्रदूषण का स्तर बढ़ता है। इसका असर यह हुआ है कि शनिवार को पूरे दिन एयरक्वालिटी इंडेक्स 32 से ऊपर गया नहीं।
एयरक्वालिटी इंडेक्स शनिवार शाम चार बजे
- शहर एक्यूआई
- अमृतसर 52
- चंडीगढ़ 17
- दिल्ली 45
- गजियाबाद 39
- नोएडा 38
- मुंबई 72
- पंचकूला 46
- वाराणसी 50
- इंदौर 38
जब तक लॉकडाउन रहेगा, तब तक हवा की गुणवत्ता साफ रहेगी। कुछ लोगों का कहना है कि वाहनों की आवाजाही बंद हो गई है, इसलिए प्रदूषण कम हो गया है। वाहन तो सिर्फ एक फैक्टर है, जबकि इसमें इंडस्ट्री, कृषि संबंधित गतिविधियां, होटल और रीजनल एमिशन मायने रखता है। मेरे हिसाब से जब से एयरक्वालिटी इंडेक्स शुरू हुआ है, तब से शनिवार की हवा सबसे साफ रही है। -रविंद्रा खैवाल, एडिशनल प्रोफेसर, स्कूल ऑफ पब्ल्कि हेल्थ पीजीआई