काबुल में आतंकवादियों के हमले में चंडीगढ़ निवासी राजेश कुमार भट्टी (64) की मौत हो गई। वे यूएन मिशन के तहत अफगानिस्तान में आडिटर के तौर पर काम करने के लिए इसी साल 16 जनवरी को रवाना हुए थे। उनके दो बेटे व एक बेटी हैं। एक बेटा चंडीगढ़ में और दूसरा बेटा यूएसए में रहता है, जबकि बेटी दिल्ली में है। साल 2008 में उनकी पत्नी की मौत हो गई थी।
सेक्टर-45 सी के हाउस नंबर-2045 निवासी राजेश एकाउंट जनरल पंजाब के दफ्तर से डिप्टी एकाउंट जनरल के पद से साल 2011 में रिटायर हुए थे। विदेश मंत्रालय की ओर से उनके परिजनों को सूचना दी गई कि राजेश कुमार का शव शुक्रवार को दिल्ली पहुंच रहा है, लेकिन परिजनों ने उनके शव को चंडीगढ़ भेजने का आग्रह किया है।
काबुल के शहर-ए-नाव स्थित पार्क पैलेस में आतंकवादियों ने वीरवार सुबह हमला कर दिया था। इसमें नौ लोग मारे गए थे, जिनमें दो भारतीय थे। राजेश के बेटे नवीन भट्टी ने बताया कि वे पिछले साल भी अफगानिस्तान जाना चाहते थे, लेकिन आतंकी घटनाओं को देखकर उन्होंने अपने पापा को रोक लिया था।
इस साल दोबारा ऑफर मिला तो पापा की जिद की आगे उन्हें झुकना पड़ा। उन्हें 27 जून को वापस आना था। इससे पहले ही उनकी मौत की खबर मिल गई।