लोगों के पास आए मैसेज में रोगी के नाम व उसके संक्रमित होने की तिथि के साथ लिखा था कि उपयुक्त सरकारी सहायता प्राप्त करने के लिए संक्रमित व्यक्ति का आधार नंबर या परिवार पहचान आईडी निम्न फॉर्मेट में 7419865000 पर एमएसएस करें। सेक्टर-15 निवासी एक मरीज ने कहा कि उन्हें जब मैसेज आया तो उन्हें शक हुआ कि दो महीने के बाद अचानक हरियाणा सरकार की तरफ से ऐसा मैसेज क्यों आएगा। कुछ लोगों ने तो इस नंबर पर आधार नंबर की जानकारी के साथ मैसेज भी भेज दिया, लेकिन कुछ लोगों को जब मामला संदिग्ध लगा तो उन्होंने मैसेज का जवाब नहीं दिया।
परिवार के सभी सदस्यों को आए हैं मैसेज
मेरे परिवार में तीन लोगों ने 18 मार्च को निजी लैब से कोरोना की जांच कराई थी। तीनों सदस्यों के पास हरियाणा जीओवी नाम से एक मैसेज आया है, जिसमें जानकारी मांगी गई। हालांकि, मैंने कोई रिस्पांस नहीं दिया। - जगदीश कुमार, सेक्टर-49
लगता है कहीं से डाटा लीक हुआ है
मैंने और मेरी पत्नी ने 20 मार्च को निजी लैब से कोरोना जांच कराई थी। दोनों को मैसेज आए हैं। मैसेज करने वाले आधार कार्ड व अन्य जानकारियां मांगी। मैं हैरान था कि हरियाणा से मेरा कोई लेना-देना नहीं है, तो मुझे क्यों मैसेज आ रहे हैं। -रवि खन्ना, सेक्टर-15
हरियाणा से नहीं कराई जांच, फिर भी आया मैसेज
मैंने 18 मार्च को एक निजी लैब से कोरोना जांच कराई थी। तीन दिन पहले मेरे पास एक मैसेज आया। उसमें लिखा था कि मेरी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। मैसेज हरियाणा जीओवी नाम से था। मैंने हरियाणा में कोई जांच नहीं कराई। मुझे लगा ये कोई ठग है। - सुरिंदर कुमार बजाज, सेक्टर-49
लोगों के पास मैसेज पहुंचने के तीन कारण हो सकते हैं। डाटा लीक, रैंडम मैसेज या फ्रॉड। ज्यादा संभावना है कि डाटा लीक हुआ हो, क्योंकि आजकल सॉफ्टवेयर की सिक्योरिटी पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसा भी हो सकता है कि ठगों ने लोगों को रैंडम मैसेज किया हो और ये भी संभव है कि जाल में फंसाने के लिए मैसेज भेजे गए हों। लोगों को ऐसे मैसेज से सावधान रहना चाहिए। -राजेश राणा, साइबर एक्सपर्ट
मुझे जानकारी मिली है। हालांकि ये किसी ठग का काम लग रहा है, जो रैंडम लोगों को मैसेज भेज रहा है। डाटा लीक जैसी कोई बात नहीं है। लोगों को ऐसे मैसेज का जवाब नहीं देना चाहिए। - मनोज परिदा, यूटी प्रशासक के सलाहकार