इंटर स्टेट में शराब की तस्करी रोकने के लिए चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब एक मंच पर आ गए हैं। शराब माफिया पर नकेल कसने के लिए प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने ज्वाइंट एक्शन कमेटी का गठन कर दिया है। इसके तहत दो इंटर स्टेट कमेटियां बनाई है। पहली कमेटी में विभागीय अधिकारियों को रखा गया है जबकि दूसरी कमेटी तीनों प्रदेशों के उच्चाधिकारियों की है। यह कमेटियां एक साथ मिलकर शराब की तस्करी को रोकने का काम करेंगी।
वीरवार को कमेटी की मीटिंग सेक्टर-9 स्थित यूटी सचिवालय में एडवाइजर मनोज परिदा की अध्यक्षता में हुई। मीटिंग में शराब तस्करी को रोकने को लेकर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। इसके बाद कमेटी ने शराब तस्करी पर नकेल कसने को लेेकर एक ज्वाइंट एक्शन कमेटी बनाई है। साथ ही राज्य और यूटी की प्रवर्तन एजेंसियों को इसको रोकने के साथ इस काम में लिप्त संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मंजूरी दी गई है।
मीटिंग में विशेष रूप से पंजाब के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी एमपी सिंह और हरियाणा के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी संजीव कौशल के अलावा यूटी के एक्साइज एंड टैक्सेशन सेक्रेटरी, पंजाब के एडीजी लॉ एंड आर्डर, पंजाब एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर, हरियाणा एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर, यूटी एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर, डीआईजी यूटी, एसपी हरियाणा समेत कई अफसर मौजूद रहे।
ऐसे काम करेगी ज्वाइंट एक्शन कमेटी
शराब तस्करी पर लगाम लगाने को लेकर बनाई कई दोनों ज्वाइंट एक्शन कमेटी पंचकूला, मोहाली और चंडीगढ़ पर निगाह रखेगी। इन कमेटी को दो लेवल में बांटा गया है। पहला लेवल एक्साइज एंड टैक्सेशन अफसर (एईटीसी) और दूसरा लेवल सीनियर ऑफिसर यूटी/राज्य।
चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला के एक्साइज एंड टैक्सेशन अफसर महीने में एक बार मीटिंग करेंगे और शराब तस्करी पर कैसे रोक लगाया जा सके, इसको लेकर आपस में सूचनाओं का साक्षा करेंगे। वहीं सीनियर ऑफिसर की कमेटी हर तीन महीने में मीटिंग करेगी और अब तक इस पर क्या क्या काम किया गया है, इस पर भी मीटिंग में चर्चा होगी।