अधिकारियों की अदला-बदली में चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) के कई प्रोजेक्ट्स अधर में लटक गए हैं। पहली कतार के सभी अधिकारी बदल चुके हैं। उनकी जगह नए अधिकारियों ने ले ली है।
पहले ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी का कार्यभार भावना गर्ग के पास था जो अब आईएएस विक्रम देव दत्त देख रहे हैं। ट्रांसपोर्ट डायरेक्टर का पद टीपीएस फुलका के बाद अमित तलवार संभाल रहे हैं। दो डिपो पहले ही बिना जीएम के ही चल रहे हैं।
जीएम एसपी परमार के रीपैट्रिएट होने के बाद डिपो नंबर-1 और 4 भी बिना जीएम के ही चल रहे हैं। जीएम का अतिरिक्त प्रभार दूसरे अधिकारियों को सौंपा हुआ है।
जुलाई में आने वाली कोरोना की 100 बसें आजतक भी नहीं पहुंची हैं, जबकि इनकी इंस्पेक्शन से लेकर अन्य सभी चीजें जुलाई से पहले ही हो चुकी थी। सीटीयू के बेड़े में साल के अंत तक 600 से अधिक बसें होने का दावा तो हो रहा है, लेकिन नई बसों की खेप बीच में ही लटक गई है।
100 से अधिक बसों के कंडम होने के बाद रूट पर संख्या कम होती जा रही है, जिससे बस फ्रीक्वेंसी टाइम निरंतर बढ़ रहा है। यात्रियों को बस क्यू शेल्टर पर बसों का लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। महीनों से बंद पड़े लंबे रूट आज तक चालू नहीं हो पाए हैं।
वोल्वो बसों का आना भी प्रस्ताव तक सिमटकर रह गया
सीटीयू के पूछताछ केंद्र पर सबसे ज्यादा इंक्वायरी वोल्वो बुकिंग के लिए आती हैं, लेकिन सीटीयू के पास एक भी वोल्वो बस नहीं है, जिससे सभी यात्रियों को हरियाणा-पंजाब पूछताछ केंद्र पर फोन करने के लिए कहा जाता है। सीटीयू की वोल्वो न होने से हरियाणा-पंजाब जमकर चांदी कूट रहे हैं। इंक्वायरी और कमाई को देखते हुए सीटीयू ने 20 नई वोल्वो खरीदने की योजना बनाई, लेकिन यह सिर्फ प्रस्ताव तक सिमट कर रह गई।
अमित तलवार, डायरेक्टर, ट्रांसपोर्ट चंडीगढ़। ने बताया कि अभी कुछ दिन पहले ही टीम कोरोना बसों की इंस्पेक्शन करके लौटी है। कंपनी की तरफ से ही डिले हो रहा है। बसें जल्द भेजने के लिए कहा गया है। पहले लॉन्ग रूट पर बसें लगाने की प्लानिंग चल रही है। उसकेबाद लग्जरी का सोचा जाएगा। जीएम केलिए पंजाब और हरियाणा से कुछ एप्लीकेशंस आई हैं। उन पर काम चल रहा है।