कोरोना के चलते फीस वसूले जाने के मामले में चंडीगढ़ प्रशासन ने निजी स्कूलों को जो आदेश दिए हैं, उसे निजी स्कूल लगातार हाईकोर्ट में चुनौती देते आ रहे हैं। अब फिर निजी स्कूलों की संस्था इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर प्रशासन के तीन जून को उस आदेश को चुनौती दे दी है, जिसमें प्रशासन ने निजी स्कूलों को बिना इजाजत फीस बढ़ोतरी करने पर रोक लगा दी है।
जस्टिस बीएस वालिया ने याचिका पर सुनवाई करते हुए चंडीगढ़ प्रशासन के सलाहकार, शिक्षा सचिव, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन और जिला शिक्षा अधिकारी को 1 जुलाई के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया है कि उनकी संस्था में शहर के 78 निजी स्कूल हैं।
प्रशासन ने 3 जून को आदेश जारी कर कहा है कि कोई भी निजी स्कूल प्रशासन की इजाजत के बिना स्कूल फीस नहीं बढ़ा सकता है और ट्यूशन फीस भी सत्र 2019-20 में जो थी वही ट्यूशन फीस सत्र 2020-21 में भी रहेगी इसमें बिना पूर्व इजाजत बढ़ोतरी नहीं की जा सकती है। याचिकाकर्ता संस्था ने हाईकोर्ट को बताया कि निजी स्कूलों ने एक्ट के तहत गत वर्ष दिसंबर में ही वर्ष 2020 -21 का फीस स्ट्रक्चर पहले ही प्रशासन को जमा करवा दिया था।
ऐसे में अब 3 जून को यह आदेश जारी करना कि निजी स्कूल अब बिना प्रशासन की इजाजत के ट्यूशन फीस नहीं बढ़ा सकते हैं और जो फीस पिछले सत्र में थी वही फीस इस सत्र में भी रहेगी पूरी तरह से गलत है क्योंकि स्कूलों की मैनेजमेंट चलाने और उसे बेहतर करने के लिए प्रत्येक वर्ष फीस की बढ़ोतरी की जाती है ऐसे में प्रशासन के यह आदेश एक्ट के तहत ही गलत हैं इसे रद्द किया जाए। हाई कोर्ट ने याचिका पर चंडीगढ़ प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।