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मनीमाजरा पुलिस की गुंडागर्दी: एएसआई-होमगार्ड समेत पांच मुलाजिमों ने मैकेनिक को पीटा, बाल खींचे.. देखें वीडियो

Mon, 01 Sep 2025 02:11 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़

सार

पंचकूला सेक्टर-16 निवासी 38 साल के मैकेनिक जतिंद्र उर्फ पवन की मनीमाजरा में मैकेनिक की दुकान है। शनिवार देर रात उसकी चाैकीदार से बहस हो गई थी। इसके बाद चाैकीदार ने पुलिस बुला ली थी।। 
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आपबीती बताता मैकेनिक - फोटो : वीडियो ग्रैब
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विस्तार
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मनीमाजरा में मोटर मार्केट में एएसआई, होमगार्ड समेत पांच पुलिसकर्मियों ने एक मैकेनिक को बुरी तरह पीटा। उसे थप्पड़ मारे और बाल तक खींचे। लीमा गाड़ी में बिठाकर थाने ले जाते समय ड्राइवर ने मारपीट की। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। 
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पीड़ित का आरोप है कि उसकी गाड़ी से 4500 रुपये भी गायब कर दिए। वहीं, मनीमाजरा थाने के एसएचओ मनिंदर सिंह ने इस मामले में कोई जवाब नहीं दिया। पीड़ित ने कहा कि वह एसएसपी कंवरदीप कौर को शिकायत देंगे। उन्होंने पांचों पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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पंचकूला सेक्टर-16 बुढ़नपुर निवासी 38 साल के मैकेनिक जतिंद्र उर्फ पवन ने बताया कि उसकी मनीमाजरा में 131 नंबर में खुद की मैकेनिक की दुकान है। उसके दो बेटे हैं। शनिवार देर रात करीब 2 बजे वह ग्राहक की गाड़ी लेकर जा रहा था। तभी वहां उसने चौकीदार को देख लिया। उसने चौकीदार से कहा कि यहां बहुत चोरियां होती हैं, इसलिए ध्यान रखा करो। जतिंद्र ने कहा कि उसकी भी यहां दुकान है और गाड़ियां भी खड़ी हैं। इसी बात को लेकर उनकी आपस में बहस हो गई। बहस के बाद चौकीदार ने 112 नंबर पर कॉल कर दी। जिसके बाद मनीमाजरा थाने से एएसआई, होमगार्ड समेत पांच पुलिसकर्मी आ गए। 

पीड़ित के अनुसार सिर्फ एएसआई मनीष की नाम प्लेट सीधी थी। बाकी मुलाजिमों की नाम प्लेट छुपी हुई थी, जिस कारण वह उनका नाम नहीं देख सका। मुलाजिमों ने उसके साथ मारपीट की। वह नीचे गिर गया, लेकिन फिर भी उसके साथ मारपीट करते रहे। इसके बाद उसे लीमा गाड़ी में मनीमाजरा थाने में ले गए। जहां उसका मेडिकल करवाया गया। उसकी गाड़ी एक पुलिसकर्मी खुद चलाकर थाने ले गया। मेडिकल के बाद पुलिसकर्मी उसे भी थाने ले गए। उसने पुलिसकर्मियों को बताया कि उसका आज तक कोई चालान तक नहीं हुआ। न ही उसने कोई क्राइम किया जो उसके साथ ऐसा बर्ताव किया जा रहा है। घटना के करीब दो घंटे बाद उसे छोड़ा गया।

लीमा गाड़ी के ड्राइवर ने भी पीटा

पीड़ित जतिंद्र ने बताया कि जब उसे थाने ले जाया जा रहा था तो लीमा गाड़ी के ड्राइवर ने भी उसे जमकर पीटा। चलती गाड़ी में उसके साथ मारपीट की गई। पीड़ित बोलता रहा कि उसका रिकॉर्ड चेक कर लें, कभी कोई गलत काम नहीं किया। गांव तक का रिकॉर्ड देख लो। बार-बार बोलता रहा कि क्यों उसका ऐसा हाल कर रहे हो। जतिंद्र ने कहा, उसे इतनी बुरी तरह पीटा गया जैसे वह पता नहीं कितना बड़ा अपराधी हो। ऐसे तो पुलिस किसी अपराधी के साथ बर्ताव नहीं करती होगी। जतिंद्र ने कहा कि थाने में ले जाने के बाद पुलिसकर्मी बोलते रहे कि इसे तो और पीटना था, अभी कम मारा है।

नहीं मिले गाड़ी से 4500 रुपये और चाबी

पीड़ित जतिंद्र ने बताया कि उसकी गाड़ी एक पुलिसकर्मी खुद चलाकर लेकर गया था। जब वह थाने से वापस घर जाने लगा तो उसकी गाड़ी में पड़े 4500 रुपये और एक दूसरी गाड़ी की चाबी नहीं थी। पीड़ित ने कहा कि उसने घबराकर पुलिसकर्मियों से अपने पैसों के बारे में भी नहीं पूछा।

एएसआई और होमगार्ड ने मारे सबसे पहले थप्पड़

जहां पुलिसकर्मियों ने पीड़ित के साथ मारपीट की वहां पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे। थाने से बाहर आने के बाद पीड़ित ने सबसे पहले सबूत के तौर पर सीसीटीवी कैमरे चेक किए। जिसमें एएसआई मनीष और होमगार्ड कर्मी ने सबसे पहले थप्पड़ मारने शुरू किए। इसके बाद अन्य पुलिसकर्मियों ने भी उसके साथ मारपीट की। पीड़ित के बाल तक खींचे गए। पीड़ित को बीच में खड़ा करके चारों तरफ से पीटा गया। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। उसके हाथ पर खरोंच भी आई है।
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अभी मेरे पास कोई शिकायत और सीसीटीवी फुटेज नहीं आई है। शिकायत आने के बाद मामले की जांच की जाएगी। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखने के बाद ही कुछ कह सकती हूं। - कंवरदीप कौर, एसएसपी
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