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रात में महिलाओं को सुरक्षित घर पहुंचाएगी पुलिस

Fri, 27 Mar 2015 09:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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अगर रात 11 बजे के बाद आप घर से बाहर हैं, खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं और आपको घर तक जाने में कोई परेशानी आ रही है, घबराने की जरूरत नहीं।
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तुरंत 100 नंबर पर कॉल करें और आपको घर छोड़ने के लिए चंडीगढ़ पुलिस की जिप्सी चंद मिनटों में पहुंच जाएगी। जिप्सी में कम से कम दो महिला पुलिस कर्मचारी तैनात होंगी।

चंडीगढ़ पुलिस ने शहर की महिलाओं के लिए यह खास सुविधा शुरू की है। यह जानकारी वीरवार को सेक्टर-10 स्थित डीएवी कालेज में अमर उजाला फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित रक्षासूत्र कार्यक्रम में चंडीगढ़ पुलिस के अधिकारियों ने दी।
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डीएसपी (वुमन एंड चाइल्ड सेफ्टी सेल) कमला मीणा ने कहा कि इस सुविधा से देर रात महिलाओं के साथ होने वाली घटनाओं में काफी गिरावट आई है।

करीब डेढ़ घंटे तक चले कार्यक्रम में एएसपी सेंट्रल डॉ. गुरइकबाल सिंह सिद्धू भी मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों ने स्टूडेंट्स को लॉ और उनके कानूनी अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

वुमन सेफ्टी सेल की इंस्पेक्टर कुलवीर कौर और सब इंस्पेक्टर इल्म रिजवी ने भी छात्राओं से जुड़े कई केसों का हवाला देकर उनसे निपटने के उपाय बताए। कार्यक्रम में अमर उजाला के स्थानीय संपादक संजय अभिज्ञान, यूनिट हेड धीरज रोमन भी मौजूद थे।

ईव टीजिंग बन रही सबसे बड़ी समस्या

डीएवी कॉलेज की स्टूडेंट्स ने डीएसपी कमला मीणा के समक्ष ईव टीजिंग का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि उनके कॉलेज के बाहर और आसपास के एरिया में यह सबसे बड़ी समस्या है।

कई बार 100 नंबर पर कॉल किया, लेकिन पीसीआर में तैनात पुलिस वाले ऐसे लड़कों के खिलाफ एक्शन लेने के बजाय शिकायत करने पर कोर्ट में जाने का डर दिखाते हैं। इस पर लड़कियां कोर्ट जाने और परिवार के डर से चुप हो जाती हैं।

एक छात्रा ने बताया कि उनके साथ तीन बार ईव टीजिंग का मामला हुआ और उन्होंने शिकायत की तो हर बार पुलिस ने कार्रवाई के बजाय उन्हें थाने और कोर्ट जाने के नाम से डराया।
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एक्शन चाहते हैं तो आगे आना होगा

छात्राओं के ईव टीजिंग की शिकायत पर डीएसपी कमला मीणा ने कहा कि अक्सर लड़कियां कंट्रोल रूम में शिकायत करती हैं। लेकिन, चाहती हैं कि बस आरोपियों को डरा धमकाकर छोड़ दें ताकि वह दोबारा ऐसा न करें।

अगर वह सच में चाहती हैं कि यह समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो जाए तो लड़कियों को सामने आना होगा। ऐसे अराजकतत्वों के खिलाफ शिकायत लिखित में पुलिस को दर्ज करानी होगी।

कोर्ट कचहरी के नाम से डरे नहीं। ऐसे एक शख्स के खिलाफ लड़कियां आगे आएंगी तो अन्य को भी सबक मिलेगा। ऐसे ही यह समस्या हमेशा के लिए समाप्त होगी।
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