चंडीगढ़ पुलिस जल्द ही कुछ और अत्याधुनिक वाहनों से लैस होकर अपने बेड़े को मजबूत करने वाली है। योजना के तहत चंडीगढ़ पुलिस विभाग इसी वर्ष एक बख्तरबंद ‘कवच’ वाहन, एक कमांड कंट्रोल व्हीकल, एक मोबाइल फोरेंसिक वैन और एक मध्यम बुलेटप्रूफ वाहन की खरीदने की तैयारी में है।
साथ ही चंडीगढ़ पुलिस अपने बेड़े में 30 नई टाटा सफारी गाड़ियों को शामिल कर अपनी क्षमताओं को बढ़ाने की योजना बनाई है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस विभाग की ओर से आने वाले छह महीनों में किए जाने वाले कार्यों को लेकर प्रशासनिक आधिकारियों के साथ हुई बैठक में यह जानकारी दी गई थी। पुलिस विभाग के संबंधित अधिकारी अक्तूबर-नवंबर माह तक सभी वाहनों के चंडीगढ़ पुलिस के बेड़े में शामिल किए जाने की बात कह रहे हैं।
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चंडीगढ़ पुलिस ने इसी साल की शुरुआत में शहर में आतंकी गतिविधियों का मुकाबला करने के लिए एक अन्य बख्तरबंद वाहन, ‘कवच रक्षक’ की खरीद के साथ अपनी त्वरित प्रतिक्रिया टीम (क्यूआरटी) को मजबूत किया था। चंडीगढ़ पुलिस की क्यूआरटी टीम के पास पहले से ही एक बड़ा बख्तरबंद वाहन था, लेकिन नया ‘कवच’ छोटे आकार के कारण हर रास्ते और गालियों में जाने के साथ ही कमांडो को बेहतर गतिशीलता प्रदान करने में मददगार होगा।
कवच की खरीद के लिए आवंटित होंगे 98 लाख रुपये
सूत्रों का कहना है कि विभाग ‘कवच’ की खरीद के लिए 98 लाख रुपये आवंटित करेगा जबकि 93 लाख रुपये मध्यम बुलेटप्रूफ वाहनों की खरीद पर खर्च किए जाएंगे। आपराधिक घटनाओं पर घटनास्थल पर मौजूद सैंपल की जांच में फोरेंसिक टीम की क्षमताओं को मजबूत करने के लिए 51 लाख रुपये की अनुमानित लागत से एक मोबाइल फोरेंसिक वैन खरीदी जाएगी। इसके अलावा विभाग ने एक कमांड कंट्रोल व्हीकल की खरीद को भी शामिल किया है, जिसकी कीमत लगभग 80 लाख रुपये होने की उम्मीद है। यह मोबाइल कमांड कंट्रोल व्हीकल कई एजेंसियों के बीच तेजी से संचार और समन्वय को स्थापित करते हुए वास्तविक समय की स्थिति के बारे में अवगत कराएगा। साथ ही चंडीगढ़ पुलिस अपने बेड़े में 30 नई टाटा सफारी गाड़ियों को शामिल कर अपनी क्षमताओं को बढ़ाएगी।
बढ़ेगी पुलिस विभाग की ताकत
एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक अतिरिक्त वाहनों को बेड़े में शामिल करने से पुलिस विभाग की ताकत बढ़ेगी। वर्तमान में इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी और उससे ऊपर के अधिकारी अपने संचालन के लिए महिंद्रा स्कॉर्पियो वाहनों का उपयोग कर रहे हैं। पुलिस बल में इन अत्याधुनिक वाहनों को शामिल करने का उद्देश्य शहर के भीतर किसी भी घटना के लिए उनकी तैयारियों को बढ़ाना है, जिसे हर तरह की स्थिति से निपटा जा सके और शहरवासियों को बेहतर सेवा और सुरक्षा प्रदान की जा सके।
किस वाहन पर कितना खर्च
वाहन खरीद पर खर्च
कवच 98 लाख
मध्यम बुलेटप्रूफ वाहनों 93 लाख
कमांड कंट्रोल व्हीकल 80 लाख
मोबाइल फोरेंसिक वैन 51 लाख
चंडीगढ़ पुलिस शहरवासियों की सुरक्षा और बेहतर सेवा देने के उद्देश्य से कवच कमांड कंट्रोल व्हीकल मोबाइल फॉरेंसिक वैन समेत कुछ अन्य अत्याधुनिक वाहनों के साथ ही टाटा सफारी गाड़ियों की खरीदी की जानी है। इस साल अक्तूबर-नवंबर माह तक इनमें वाहनों के शामिल होने की उम्मीद है।
- केतन बंसल, एसपी हेड क्वार्टर, चंडीगढ़