चंडीगढ़ में अकाली कार्यकर्ताओं पर पानी की बौछार की गई।
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पंजाब सरकार के बजट सत्र के विरोध में विधानसभा घेरने जा रहे शिअद नेताओं की सोमवार को चंडीगढ़ पुलिस के साथ हल्की नोकझोंक हो गई। प्रदर्शनकारी नेताओं को रोकने के लिए पुलिस को मजबूरन पानी की बौछार कर तितर-बितर करना पड़ा। बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने के प्रयास में शिअद प्रधान सुखबीर बादल सहित कई नेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, हालांकि बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।
पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर को चंडीगढ़ के सेक्टर-25 स्थित रैली ग्राउंड में शिअद कार्यकर्ता सुखबीर बादल और अन्य वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में एकत्र हुए। वहां से विधानसभा के लिए कूच किया।
चंडीगढ़ पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेड्स लगा रखे थे। बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ने के दौरान चंडीगढ़ पुलिस ने हल्की पानी की बौछार कर शिअद नेताओं को रोकने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं रुके। इसके बाद पुलिस ने शिअद प्रधान सहित कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। जहां से उन्हे सेक्टर-11 थाना ले जाया गया। जहां से शाम को उन्हें छोड़ दिया।
कृषि कानून लागू नहीं करेगी शिअद
इससे पहले शिअद प्रधान ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि 12 मार्च से कांग्रेस सरकार के खिलाफ सभी विधानसभा क्षेत्रों में रैलियां की जाएंगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार बनाने के बाद अकाली दल पंजाब में तीन कृषि कानूनों को लागू नहीं करेगा। शहरी बिजली बिलों को आधा करेंगे। अनुसूचित जाति/ बीसी छात्रों को मुफ्त शिक्षा दी जाएगी। सब्जियों और फलों पर एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) दी जाएगी तथा राज्य के 12000 गांवों में पक्की सड़कें, नालियां बनवाई जाएंगी और पीने योग्य पानी प्रदान करेगा।
कार्यकर्ताओं को वरिष्ठ शिअद नेता प्रोफेसर प्रेम सिंह चंदूमाजरा, पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने बताया कि किस तरह कांग्रेस सरकार शीर्ष अदालत में एक गैंगस्टर मुख्तार अंसारी का बचाव कर रही है और राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित करने के बजाय आपराधिक आरोपों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को देने के बजाय अंसारी का बचाव कर रही है।